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आज से शुक्र का मकर राशि में गोचर, जानिए क्या होगा प्रभाव?

 


नई दिल्ली। भोग-विलास, प्रेम, आकर्षण, दांपत्य सुख, यौन सुख, सुख-समृद्धि, भौतिक वस्तुओं का दाता शुक्र अपने मित्र ग्रह शनि की राशि मकर में 8 दिसंबर 2021 को दोपहर 2.05 बजे प्रवेश करने जा रहा है। 12 दिनों के बाद 19 दिसंबर को शुक्र इसी राशि में सायं 4.05 बजे वक्री हो जाएगा और वक्री अवस्था के कारण यह 30 दिसंबर को पुन: पिछली राशि धनु में आ जाएगा। इसके बाद 29 जनवरी 2022 को मार्गी होगा और 27 फरवरी को पुन: आगे बढ़ते हुए मकर राशि में प्रवेश करेगा। इस बीच शुक्र 6 जनवरी 2022 को पश्चिम दिशा में सायं 6.25 बजे अस्त हो जाएगा। इस प्रकार शुक्र की स्थिति में लगातार बदलाव होता रहेगा।

शुक्र की बार-बार बदलती अवस्थाओं और राशियों का व्यापक प्रभाव मनुष्यों के साथ-साथ प्रकृति और पर्यावरण पर भी होगा। मकर राशि में पूर्व से ही राशि स्वामी शनि विराजमान हैं उनके साथ शुक्र की युति हो जाने से इसका विस्तृत असर होगा। शुक्र-शनि की युति से शुक्र की राशियों वृषभ-तुला और शनि की राशि मकर-कुंभ के जातकों को विशेष लाभ होने वाला है। इसके अलावा शनि के लघु कल्याणी ढैया वाली राशियों मिथुन और तुला पर भी दोनों ग्रहों की विशेष कृपा होने वाली है। शेष राशियों के लिए इस युति का मिलाजुला असर होने वाला है।

वर्तमान गोचर के अनुसार शुक्र 8 दिसंबर से 30 दिसंबर तक मकर राशि में रहेगा। इस बीच यह 19 दिसंबर से वक्री हो जाएगा। आइए जानते हैं इसका राशियों पर असर

बारहों राशियों पर असर

मेष : मेष राशि के लिए शुक्र का गोचर दशम अर्थात् कार्य स्थान में होने जा रहा है। आपके कार्य गति पकड़ेंगे। आजीविका के साधनों में वृद्धि होगी। शनि की पीड़ा से शांति मिलेगी और शुक्र का बल मिलने से प्रेम आकर्षण का प्रभाव बढ़ेगा।

वृषभ : आपके लिए शुक्र का गोचर भाग्य भाव में होने से सीधे आपके भाग्य को बल मिलेगा। आजीविका के नए साधन प्राप्त होंगे। सुख-समृद्धि में वृद्धि होगी। आर्थिक दृष्टि से यह गोचर शुभ होगा। प्रेम-दांपत्य जीवन सुखद होगा।

मिथुन : शुक्र का गोचर अष्टम में होगा। यहीं शनि भी विराजमान है। आयु आरोग्य में वृद्धि होगी। जीवन में सुखद घटनाएं होंगी। अचानक गुप्त तरीके से आर्थिक लाभ होने वाला है। रहस्यमयी विद्याओं की ओर रुझान बढ़ेगा। समृद्धि आएगी।

कर्क : सप्तम में शुक्र आने से अभी तक दांपत्य में जो भी परेशानी चल रही थी वह दूर हो जाएगी। जीवनसाथी से प्रेम बढ़ेगा। नए प्रेम संबंध प्राप्त होंगे। साझेदारी में किए जा रहे कार्यो में सफलता मिलेगी। आप किसी समूह के नेतृत्वकर्ता बन सकते हैं।

सिंह : छठे भाव में शुक्र का गोचर शुभ रहेगा। स्वास्थ्य लाभ मिलेगा। शत्रुओं पर विजय प्राप्त करेंगे। आर्थिक समृद्धि आएगी। कर्ज मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होगा। किसी विशेष शुभ कार्य से यात्राएं करने का योग बनेगा। युवाओं के करियर को गति मिलेगी।

कन्या : पंचम स्थान में शुक्र आने से संतान पक्ष को कोई विशेष उपलब्धि मिल सकती है। शिक्षा के क्षेत्र में लाभ होगा। यात्राओं से धन अर्जित करेंगे। उत्तम स्वास्थ्य मिलेगा। अविवाहितों के विवाह का मार्ग खुलेगा। संपत्ति में बढ़ोतरी होगी।

तुला : प्रेम, आकर्षण, दांपत्य सबकुछ प्राप्त होगा। आपके जीवन में किसी खास व्यक्ति का प्रवेश हो सकता है। वैवाहिक सुख प्राप्त होगा। भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। आजीविका के नए साधन प्राप्त होंगे। स्वास्थ्य लाभ अच्छा होगा।

वृश्चिक : भाई-बहनों के साथ संपत्ति को लेकर विवाद हो सकता है, लेकिन मामला आपके पक्ष में आएगा। किसी स्त्री की ओर से हानि हो सकती है। आर्थिक स्थिति में उतार-चढ़ाव बना रहेगा लेकिन अंतत: जीत आपकी ही होगी।

धनु : सुख-समृद्धि में वृद्धि होगी। वाणी का लाभ मिलेगा। वक्ताओं को सफल होने का अवसर मिलेगा। कोई बड़ा सम्मान मिल सकता है। धन की समस्या दूर होगी। विदेश यात्रा का योग बन रहा है। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। कार्य की योजनाएं साकार होंगी।

मकर : प्रेम, आकर्षण, उत्तम शारीरिक गठन सबकुछ प्राप्त होगा। यौन संबंध बेहतर रहेंगे। प्रेमी-प्रेमिकाएं, दंपती सुखद जीवन बिताएंगे। आर्थिक समृद्धि के द्वार खुलेंगे। संपत्ति खरीदने के योग बनेंगे। अवसरों का लाभ उठाने का प्रयास करें।

कुंभ : खर्च में वृद्धि होगी लेकिन यह खर्च पारिवारिक आवश्यकताओं और भौतिक सुखों की प्राप्ति पर खर्च होगा। आय के एक से अधिक साधन प्राप्त होंगे। कर्ज मुक्ति की संभावना बनेगी। मुकदमों में जीत, समुद्र पारीय व्यापार में लाभ।

मीन : एकादश में शुक्र का गोचर आर्थिक सफलताएं दिलाने वाला साबित होगा। सुख समृद्धि बढ़ेगी। वाहन, भूमि खरीदने के योग हैं। इस राशि की स्ति्रयों को आभूषण, हीरा मिल सकता है। सुखद दांपत्य रहेगा। प्रेम और आकर्षण प्रभाव में वृद्धि होगी।

उपाय : समस्त राशि के जातक शुक्र के इस गोचर के दौरान चांदी का कड़ा अपने हाथ में धारण करें। चांदी का कड़ा नहीं पहन सकते तो स्फटिक की माला जरूर पहनें। मां लक्ष्मी के नित्य दर्शन करें।

डेस्क

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