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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुबहर के चिकित्सकों के मनमानी से मरीज बेहाल




 



दुबहड़। एक तरफ जहां शासन-प्रशासन आम जनता को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी अपने कर्तव्यहीनता एवं लापरवाही से शासन प्रशासन के प्रयास को ठेंगा दिखा रहे हैं। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुबहर केवल कहने भर का स्वास्थ्य केंद्र है। यहां तैनात चिकित्सकों के कर्तव्यहीनता एवं लापरवाही के कारण आए दिन अस्पताल में मरीजों एवं मरीज के तीमारदारों के साथ तु तु मैं मैं होते रहता है। यहां चिकित्सकों के आने व जाने का कोई समय निर्धारित नहीं है। यहां तैनात चिकित्सक दिन के 12:00 बजे के बाद आते हैं और एक-दो घंटे कुछ मरीज देखने के बाद चले जाते हैं। मरीज देखने के नाम पर मरीजों को 2-4 टेबलेट देकर केवल कागजी खानापूर्ति कर दी को जाती है। अस्पताल में खून जांच की सुविधा एवं एक्सरे कराने की भी सुविधा उपलब्ध है लेकिन एक्सरे करने व खून जांच के नाम पर भी कागजी खानापूर्ति की जाती है। राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला द्वारा उद्घाटित प्रसव केंद्र पर भी प्रसव नहीं कराया जाता है। वार्ड बॉय एवं स्टाफ नर्स आदि सभी आवश्यक कर्मचारियों के रहने के बाद भी साधारण घाव आदि की मरहम पट्टी की सुविधा भी प्रदान नहीं की जाती है। अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण वर्षों से लगा आर ओ वाटर संयंत्र खराब पड़ा है। जिसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है। मरीज जब कोविड-19 के जांच के लिए जाते हैं तो उन्हें बलिया भेज दिया जाता है। इस बाबत मुख्य चिकित्सा अधिकारी बलिया से जब फोन नंबर बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामले का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में शासन प्रशासन का ध्यान अपेक्षित है।


रिपोर्ट त्रयंबक नारायण देव गांधी

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