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राष्ट्रहित का सम्मान व परिवारवाद का विरोध यही बलिया का परिभाषा- नरेंद्र मोदी



 


बलिया। यूपी में पांच चरण के चुनाव हो चुके हैं। पश्चिम से पूरब तक घोर परिवारवादियों को जनता ने नकार दिया है। यूपी के लोगों ने बता दिया है कि यूपी की गाड़ी जाति-पात की गलियों में अटकने वाली नहीं है। उसने विकास के हाईवे पर रफ्तार भर ली है। जाति-पात से ऊपर उठकर राष्ट्रहित का सम्मान और परिवारवाद का विरोध यही बलिया की परिभाषा है। बलिया और पूर्वांचल का यूपी का विकास मेरा कर्तव्य और मेरी प्राथमिकता है। योजनाओं में रोड़े अटकाने वालों से सावधान रहे। घोर परिवारवादियों को फिर पटकनी देनी है। उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार दोपहर बलिया नगर विधानसभा के हैबतपुर मैदान से जनपद की सातों विधानसभा को मतदाताओं को साधते हुए कहीं।


प्रधानमंत्री ने भोजपूरी मे अपने भाषण की शुरुआत कर जनपद के महापुरुषों और दिग्गजों को नमन कर यहां के लोगों की नब्ज को भी छुआ। पूर्व पीएम चंद्रशेखर. जेपी के साथ चिंत्तू पांडेय और हजारी प्रसाद द्विवेदी के नामों के साथ कई समीकरण भी साधे। पीएम के निशाने पर गांव, गरीब और किसान रहे। केंद्र सरकार की योजनाओं को उन्होंने एक-एक कर गिनाया। कहा कि पूर्वांचल समेत प्रदेश में सड़क, अस्पताल, बिजली, विकास के हर काम पर ध्यान दिया जा रहा है। घोर परिवारवादियों ने यूपी की कानून व्यवस्था को बर्बाद कर दिया था। योगी की सरकार इसे वापस पटरी पर ला रही है। यहां के व्यापारी, कारोबारी भूल नहीं सकते की कैसे उनका पैसा गुंडे-बदमाश छीन कर ले जाते थे। योगी की सरकार में बलिया का व्यापारी सुरक्षित हो रहा है। बहनों-बेटियों को घर से निकलने में बदमाशों का डर नहीं है। घोर परिवारवादियों ने अपने शासन में सिर्फ अपनी तिजारी भरी। आपके क्षेत्र के विकास पर ध्यान नहीं दिया। पांच वर्ष में कई नई सड़कें बनवाई हैं। सड़कों को चौड़ी करने पर तेजी से काम चल रहा है। पहले बिजली सप्लाई में पक्षपात होता था। इसके दर्द को मैं समझता हूं। आज पहले से कहीं ज्यादा आ रही है। कहा कि बलिया से एक भावुक रिश्ता है। माताओं-बहनों की जिंदगी बनाने वाली उज्ज्वला योजना की शुरुआत यहीं से की गई थी। नौ करोड़ से अधिक महिलाओं को निशुल्क कनेक्शन मिला है। उसकी दिशा बलिया ने दिखाई थी। जब बच्चा मां के गर्भ में होता है तो वो कुपोषण का शिकार न हो इसके लिए मातृ वंदना योजना चल रही है। माताओं के खाते में सीधे 10 हजार करोड़ से अधिक दिए गए हैं। सही टीके के लिए मिशन इंद्रधनुष शुरू किया। दिमागी बुखार के टीके लगाए। गरीबों, दलितों, पिछड़ों के बच्चे पढ़ सकें इसलिए स्कालरशिप बढ़ाई गई है। रोजगार, स्वरोजगार के लिए पूरा ध्यान दिया। मुद्रा योजना में युवाओं को बिना गारंटी बैंक से मदद देने का प्रावधाम किया। मुद्रा योजना का लाभ सबसे ज्यादा गांव की बेटियां उठा रही हैं। गरीब के पास पक्का घर हो इसके लिए सरकार ने पीएम आवास योजना शुरू की। यूपी में 34 लाख से ज्यादा पक्के घर बनाए। आयुष्मान योजना के तहत पांच लाख का निशुल्क इलाज गरीबों को दिया है। सस्ती दवाओं के लिए जन औषधि केंद्र खोले। एक महिने में एक रुपया और एक दिन में 90 पैसे में बीमा कराया। इससे 19 करोड़ गरीब परिवार जुड़े।  छोटे किसानों के लिए पीएन किसान सम्मान योजना बै। बलिया के पांच लाख किसानों को खाते में 700 करोड़ रुपये दिए हैं।  गरीबों को पेंशन दे रहे हैं। 60 साल के बाद सभी को 3000 मानसिक पेंशन मिले इसके लिए भी योजना। इन सारी योजनाओं का लाभ गरीब तक पहुंचे, इसके लिए प्रयास किया। ये रुकने वाला नहीं है। क्योंकि यहां डबल इंजन की सरकार है। सीधे आप तक पहुंच जाता है। पहले की सरकारें रोड़े अटकाती थी। जो विकास में रोड़े अटतकाते हैं उसे मत लाना। 10 मार्च को रंगों वाली होली मनाएंगे। योजनाओं में नहीं देखते कौन किस जाति का है। सभी को लाभ मिल रहा है। 100 साल सबसे बड़े सकंट कोरोना सरकार और लोग सामना कर रहे हैं। कोई भूखा न रहे इसके लिए मुफ्त राशन दे रहे हैं। यूपी के 15 करोड़ गरीबों को लाभ मिल रहा है। ये घोर परिवारवादी कभी नहीं कर सकते। इन्होंने वैक्सीन पर भी भड़काया। आज ये वैक्सीन जीवन बचा रही है।


रिपोर्ट -त्रयंबक नारायण देव गांधी

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