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सत्यापन (पहचान ) के बावजूद छपरा के बाल सुधार गृह में 10 दिनों से बंद है 11 वर्षीय बालक अनुराग केशरी परिजन बलिया छपरा का लगा रहे है चक्कर


 

रेवती (बलिया ):यूपी और बिहार के सत्यापन की सरकारी पहेली का शिकार बन कर छपरा के बाल सुधार गृह में दस दिनो से रेवती कस्बा निवासी  11 वर्षीय बालक अनुराग केशरी बंद है।

बताया जाता है कि बीते 21 मार्च रात 8 बजे वह वाराणसी जाने के लिए रेवती रेलवे स्टेशन पर पहुंचा। गलती से सारनाथ एक्सप्रेस पकड़ कर छपरा पहुंच गया । छपरा में उतरने के बाद उसे भटकते देख जीआरपी ने पूछताछ के बाद अपनी कस्टडी में ले लिया । जीआरपी के लोग परिजनो को फोन से सूचित कर आधार कार्ड के साथ छपरा स्टेशन पहुंचने को कहा गया।

रात में ही परिजन छपरा पहुंच गये तथा जीआरपी से मुलकात किया। रेवती थाने से भी बात करायी। 22 मार्च को बिहार दिवस का अवकाश होने के कारण दूसरे दिन 23 मार्च को पुनः परिजनों को बुलाया गया ।  लेकिन जीआरपी ने बालक को परिजनों को सुपुर्द करने के बजाय छपरा के बाल कल्याण समिति भेज दिया। पिता धनंजय केशरी ने बताया कि घटना के दिन ही हम लोग रेवती पुलिस को गुमशुदगी का प्रार्थना पत्र दिए थे। लेकिन प्रार्थना पत्र पर कार्यवाही न होने के चलते मामले में हस्तक्षेप नही हो पाया। बाल कल्याण समिति छपरा के काउंसलर किरण देवी ने बताया की पीडब्लूसी बलिया से सत्यापन रिपोर्ट आ गयी है। हम लोग समाज कल्याण विभाग पटना को अग्रसारित किए है। वहां से आदेश मिलने के बाद बच्चा परिजनो को सुपुर्द कर दिया जाएगा। इस दौरान परिजन बार बार बलिया छपरा अधिकारियों के यहा चक्कर लगा कर बालक को सुपुर्द किये जाने की गुहार लगाने के लिए विवश है।


रिपोर्ट  पुनीत केशरी

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