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हरतालिका तीज विशेष : हरियाली तीज पर संकल्प लेकर अखण्ड सौभाग्य को प्राप्त कर सकती है विवाहित स्त्रियां

 


रतसर (बलिया) हरतालिका तीज का व्रत हर साल सुहागिनें अपने पति की लम्बी उम्र की कामना के लिए रखती हैं। यह व्रत भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को रखा जाता है। सनातन धर्म में इस व्रत का विशेष महत्व है। हरतालिका तीज के दिन महिलाएं विधि विधान से निर्जला व्रत रखती हैं। वहीं,कुछ स्थानों पर सुहागिनें फलाहार व्रत भी रखती हैं। हरतालिका तीज के दिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती के साथ भगवान गणेश का पूजन करती हैं। जनऊपुर निवासी पं० परमहंस पाण्डेय ने बताया कि हरतालिका तीज का व्रत रखने वाली सुहागिन महिलाओं को अखण्ड सौभाग्य प्राप्त होता है। इसके साथ ही जो भी श्रद्धालु हरतालिका का व्रत रखता है,भगवान शिव और पार्वती उसकी हर मनोकामना पूरी करते है। पं० परमहंस पाण्डेय ने बताया कि इस साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया पर रवि योग भी बन रहा है,ऐसे में इस दिन का महत्व और बढ़ गया है। 31 जुलाई की दोपहर 2 बजकर 20 मिनट से 1 अगस्त की सुबह 6 बजकर 4 मिनट तक रवि योग रहेगा। इस दिन सुहागिन महिलाओं को निर्जला व्रत रखकर देवी पार्वती और भोलेनाथ की पूरी श्रद्धा से पूजा करनी चाहिए। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद मिलता है वही कुंवारी कन्याओं को अच्छे जीवनसाथी की कामना करते हुए ये व्रत करना चाहिए।



रिपोर्ट : धनेश पाण्डेय

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