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डीएम ने ग्रामीण क्षेत्रों से बिजली बिल और जल कर इकट्ठा करने के लिए की बैठक


रिपोर्ट : धीरज सिंह


बलिया। जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने बिजली बिल और जलकर इकट्ठा करने के लिए जनपद के ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायतो, सप्लाई इंस्पेक्टर और कोटेदारों से बहुउदेशीय सभागार में बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने उन कोटेदारों और गांव ग्राम प्रधानों को मंच पर बुलाया जिन्होंने अपने ग्राम क्षेत्र में जलकर इकट्ठा किया है। ग्राम प्रधानों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जलकर इकट्ठे करने में किसी प्रकार की समस्या नहीं आ रही है।लोग स्वेच्छा से जल कर देने को तैयार हैं । जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधानों को कोटेदारों के माध्यम से बिजली बिल और जलकर इकट्ठा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बहुत से ग्रामों में पानी की टंकियां बनकर तैयार है लेकिन उचित रखरखाव न होने के कारण उनसे लाभ नहीं दिया जा रहा है। अत: पानी की टंकियों के रखरखाव हेतु जिन घरों में भी पानी का सप्लाई जाती है उनसे जल कर लिया जाए और उन पैसों से पानी की टंकियों की मरम्मत कराई जाए। इससे ना केवल लोगों को बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी बल्कि  ग्राम पंचायत भी समृद्ध होंगी। इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण वर्मा, जिला विकास अधिकारी और संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।


इसी संबंध में शुक्रवार को जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में विद्युत विभाग की बैठक आहूत की थी। जिसमें उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि उन गांवों को चिन्हित कर लिया जाए जिनमें सबसे अधिक बिल का भुगतान होना है। गांव के पांच ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित किया जाए जिन्होंने अभी तक बिजली का बिल नहीं जमा किया है और उन पर सबसे अधिक बिजली का भुगतान बाकी है। यदि इन लोगों से बिजली का बिल वसूल कर लिया जाएगा तो गांव के अन्य लोग भी आसानी से बिजली का बिल जमा करने लगेंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि गांव के कोटेदार के पास बिजली के बिल जमा करने के अतिरिक्त ई स्टाम्प से भी संबंधित पत्र मौजूद रहेंगे। सरकार का निर्देश है कि कोटेदारों को वन स्टॉप सेंटर के रूप में विकसित किया जाए। जिससे ग्रामीण लोगों को अपने काम के लिए भटकना न पड़े।

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