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डाक्टरो की कमी के कारण मरीजो का इलाज रामभरोसे

 



मनियर, बलिया । शासन प्रशासन की लाख दावे के बाद भी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर दवा व चिकित्साअसुविधा के अभाव के कारण मरीजों को की समस्या बरकार है जिससे आये दिन स्वास्थ केन्द्रो पर प्रत्येक दिन तु तु मै की स्थिती उतपन्न हो रही  है।  उल्लेखनीय है कि मनियर में एक सामुदायिक व एक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा  तीन न्यू पीएचसी  सहित पाँच कोन्द्रो की देख रेख एक डाक्टर के भरोसे होने के कारण कहीं  सारे जगह चिकित्सयी  सुविधा नदारद है। आलम यह है कि मनियर पीएचसी पर एक डाक्टर सहित 20 लोग रेगुलर कर्मचारी तो 21लोग संविदा पर कार्यरत है बावजुद चिकित्सा सुविधा राम भरोसे है रोज किसी न किसी पीएचसी व सीएचसी पर  मरीजो  के इलाज को लेकर परिजनो व  कर्मचारियों के बीच मारपीट की नौबत  उत्पन्न हो जा रही है। एक तरफ शासन का दावा है कि प्रत्येक पीएचसी व सीएचसी पर डेंगू के मरीजों के उपचार हेतु अलग अलग टीम बनाकर मरीजों के उपचार में कोई कोताही न हो लेकिन जहां पर डाक्टर ही नही है  वहां मरीजो का उपचार कौन करेगा  ।   इसी क्रम में मिली जानकारी के अनुसार रविवार की देर रात तीन दिनों से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मनियर पर इलाज करा रहा मरीज पटखौली निवासी रोहित कुमार की अचानक तेजबुखार होने से   तबीयत खराब हो गया। जिसको लेकर परिजन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मनियर पर पहुंचे तो वहां पर मौजुद कर्मचारी  ने बाहर से इंजेक्शन, दवा व डिस्पोजल सिरिंज तक खरीद कर लाने  की मांग की। मरीज के परिजनों ने अस्पताल पर डिस्पोजल (सिरिंज ) न होने की  असुविधा की शिकायत उच्चाधिकारियों से की। चर्चा है कि  उच्च अधिकारियो ने मातहतो को जमकर क्लास लगायी । वही  वर्षों से बन कर तैयार रिगवन सीएचसी ग्रामीणों की लम्बी लड़ाई के बाद क्षेत्रीय विधायक केतकी सिंह व तत्कालीन सीएमओ नीरज कुमार पाण्डेय के साथ 10 जून को फीता काटकर उद्घाटन किया गया था। जो डाक्टर विहीन होने कारण केवल वार्ड ब्वाय के सहारे चल रहा है। जहां पर आज तक किसी भी स्थाई डाक्टर की नियुक्ति नहीं की गई  वही स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की मानें तो एक माह के लिए आनलाइन आवेदन पर महिने भर की दवा कम मात्रा मे  एक ही बार उपलब्ध शासन की तरफ से कराया जा रहा है। जो समय अवधि के पहले ही समाप्त हो जाती है। जिससे दवा के अभाव में मजबूरन बाहर से दवा मंगाने पर बाद विवाद होता रहता है।

इस संबंध में सीएमओ जयंत कुमार ने बता कि डाक्टरों की कमी के चलते तैनाती नहीं दी जा रही है। शासन से डाक्टर मिलते ही तैनाती कर दी जाएगी।  दवा  की कमियो की शिकायतो को दुर किया जायेगा


प्रदीप कुमार तिवारी

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