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भगत ने दिया औषधिय प्रसाद तो ठीक हुई प्लेटलेट्स और रक्त नहीं बनने की बीमारी हुई

 



भगत ने दिया औषधिय प्रसाद तो ठीक हुई प्लेटलेट्स और रक्त नहीं बनने की बीमारी हुई 



बलिया।  अगर कोई व्यक्ति रक्त अथवा प्लेटलेट्स से जुड़ी बीमारी से ग्रसित हो जाए तो कोई भी सीधे डाक्टरों की शरण में जाने की नसीहत देता है, लेकिन उसे आप क्या कहेंगे जब किसी को मेडिकल साइंस से निराशा और उसे मां काली के प्रसाद में नया जीवन दिया हो। 


जी हां, ऐसा ही वाक्य उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के सहसपुरा गांव निवासी अखिलेश यादव के साथ घटित हुई है, जिस डॉक्टरों ने चंद दिनों का मेहमान बता कर इलाज करने से मना कर दिया था, लेकिन फेफना क्षेत्र के पकड़ी धाम स्थित मां काली मंदिर के पुजारी रामबदन भगत द्वारा दिए गए प्रसाद और जड़ी बूटियां में ऐसा कमाल दिखाया कि न सिर्फ अखिलेश स्वस्थ हुआ बल्कि की मेडिकल साइंस पर ही प्रश्न चिन्ह लग गया।


अपनी पीड़ा बताते हुए अखिलेश कहते हैं कि अचानक उसके शरीर में रक्त बनने की प्रक्रिया धीमी हो गई। इसके साथ ही उसके शरीर में प्लेटलेट्स की मात्रा भी घटने लगी, जिससे वह चलने फिरने और दैनिक कार्य करने में स्वयं को असहाय महसूस करने लगा। बीमारी के इलाज के लिए अखिलेश ने लखनऊ के बड़े-बड़े अस्पतालों में उपचार कराया, जहां डॉक्टरों में उसे तीन लाख रुपए तक का केवल इंजेक्शन लगा दिया फिर भी वह स्वस्थ नहीं हुआ। दवा का असर समाप्त होते ही बीमारी अखिलेश पर हावी हो जाती थी। वह बताता है कि उसने करीब 7 लाख अपनी बीमारी पर खर्च कर चुका था, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ था। इसी दौरान उसके परिचित ने उसे पकड़ी धाम स्थित काली मंदिर जाने और वहां मां के दरबार में मत्था टेकने की सलाह दी।


 इसके बाद अखिलेश अपने परिजनों के साथ काली मंदिर पहुंचा और मंदिर के पुजारी रामबदन भगत से अपनी व्यथा बताई। मां काली के पुजारी व अनन्य उपासक रामबदन भगत ने पहले उन्हें मां का प्रसाद दिया और कुछ औषधियों को देते हुए उसके  नियमित सेवन करने की बात कही।  मां काली के आशीर्वाद और औषधियों के नियमित सेवन से अब अखिलेश पूरी तरह से ठीक हो गया हैं और अपना सामान्य जीवन जी रहा हैं।





 


डेस्क

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