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शीतकालीन अवकाश घोषित होने पर सनबीम स्कूल द्वारा संचालित हुई ऑनलाइन कक्षाएं


 


*बीता समय लौटकर नहीं आता है*।

*जो करता इसकी कद्र है,वही कुछ पाता है।*

उपर्युक्त उक्ति को आत्मसात कर जिसने भी जीवन के संघर्षों का डटकर सामना किया तथा एक मार्ग बंद होने पर दूसरे मार्ग को अपनाकर सतत चलने का निश्चय किया है , वह सदैव ही सफ़लता की बुलंदी पर रहा है।

 

विदित हो कि बलिया जनपद में निरंतर बढ़ते कठोर ठंड के कारण जिलाधिकारी महोदया के आदेशानुसार 14 जनवरी तक समस्त विद्यालयों में शीतावकाश की घोषणा की गई है जिससे विद्यालय का पठन पाठन का कार्य बंद हो गया है। ऐसे में विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो गई है। ऐसे में अपने विद्यार्थियों के हित में विचार करते हुए बलिया जिले के अगरसंडा ग्राम स्थित सनबीम स्कूल ने पुनः ऑनलाइन माध्यम को अपनाकर घर बैठे ही अपने विद्यार्थियों को शिक्षित करने का मार्ग चुन लिया है।


इससे पूर्व भी कोरोनाकाल में विद्यालय ने ऑनलाइन माध्यम पर विभिन्न एडटेक टूल्स क्रमशः *काहूत,माइंडडोमो,फ्लिपग्रिड,गूगल क्लासरूम, मेंटीमीटर , माइक्रोसॉफ्ट* आदि के उपयोग से शिक्षा प्रक्रिया को रोचक बनाकर अपने विद्यार्थियों को शिक्षित करने का कार्य निरंतर जारी रखा था जिससे विपरीत परिस्थितियों में भी शिक्षण प्रक्रिया सुचारू रुप से चल सकी।


अब फिर विद्यालय ने समय के महत्व को समझते हुए तथा विद्यार्थी जीवन में समय की उपयोगिता को जानते हुए विद्यार्थियों  के लिए ऑनलाइन माध्यम से कक्षाएं संचालित करने का निर्णय लिया है।


इस विषय पर विद्यालय के निदेशक डॉ कुंवर अरूण सिंह ने बताया कि   *पहले से ही विद्यालय में 31 दिसंबर से 5 जनवरी तक शीतावकाश था तथा 6 जनवरी से पुनः कक्षाएं प्रारंभ होनी थी किंतु खराब मौसम एवं कठोर ठंड के कारण जिलाधिकारी महोदया द्वारा अवकाश बढ़ाकर 14 जनवरी कर दिया गया है। ऐसे में विद्यार्थियों की शिक्षा बाधित ना हो इसलिए विद्यालय ने ऑनलाइन माध्यम से कक्षाएं चलाने का निर्णय लिया है। श्री सिंह ने बताया है कि संपूर्ण शिक्षण सत्र में विद्यार्थियों के लिए यह समय सबसे महत्वपूर्ण होता है क्योंकि उनकी वार्षिक परीक्षाएं निकट होती है ऐसे में  अवकाश के समय में घर बैठने से उनका ध्यान पढ़ाई से हट सकता है।*


प्रधानाचार्या डॉ अर्पिता सिंह ने कहा कि विद्यालय सदैव अपने विद्यार्थियों के हित में निर्णय लेता है तथा उनके उज्जवल भविष्य हेतु प्रयत्नशील रहता है। अतः ऑनलाइन माध्यम से कक्षाएं चलाकर समय का सदुपयोग छात्रहित में किया जा रहा है। विद्यालय खुलते ही कक्षाएं पूर्ववत चलेंगी।


रिपोर्ट त्रयंबक पांडेय गांधी

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