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आईआरएस का छिड़काव करायें, कालाजार को दूर भगायें




 

- छिड़काव का कार्य रेवती, पंदह और बांसडीह ब्लॉक में सम्पन्न

- घर के आस-पास रखें साफ-सफाई, करें मच्छरदानी का प्रयोग 

बलिया, 18 अप्रैल 2023

जनपद में कालाजार उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत संक्रामक रोग कालाजार को दूर भगाने के लिए कालाजार रोधी सिंथेटिक पायराथ्राईड का छिडकाव 15 मार्च से किया जा रहा है। जिससे ग्रामीण इलाके के मिट्टी के घरों में पनपने वाली सफेद मक्खी जिसे बालू मक्खी के नाम से भी जाना जाता हैं, को खत्म किया जा सके। यह कहना है जिला मलेरिया अधिकारी सुनील कुमार यादव का। 

जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि जनपद में पिछले 3 वर्षों में कालाजार से 10 ब्लॉक के 34 ग्राम प्रभावित है जिसमे 16 ग्राम में आई आर एस का कार्य संपादित हो चुका है।

कालाजार प्रभावित ब्लॉक है:- हनुमानगंज, मुरलीछपरा, कोटवा, रेवती, दुबहड़, चिलकहर, मनियर, बांसडीह,सोहाव,और पंदह है। वर्त्तमान मे छिडकाव का कार्य पंदह, रेवती और बांसडीह ब्लॉक में सम्पन्न हो चुका है। शेष ब्लॉक और ग्राम में आई आर एस चल रहा है।

जनवरी 2023 से आज तक कालाजार का कोई भी मरीज नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि कालाजार एक जानलेवा रोग है जो कि बालू मक्खी के काटने से फैलता है और अक्सर यह बालू मक्खी ग्रामीण क्षेत्रों में मकान की दरारों में, नमी वाले स्थानों में, चूहों के बिलों में पायी जाती है। इससे बचाव के लिए घर के आसपास साफ़-सफाई का ध्यान रखकर एवं मच्छरदानी का प्रयोग कर इस रोग से बचा जा सकता है। यदि किसी व्यक्ति को 15 दिन से अधिक बुखार आना, भूख नहीं लगना, रोगी में खून की कमी, लोगों का वजन घटना, रोगी की त्वचा का रंग काला होना आदि कालाजार के लक्षण हो सकते हैं। वहीं इसका सबसे मुख्य लक्षण त्वचा पर धब्बा बनना है| यदि किसी व्यक्ति में उपयुक्त लक्षण पाया गया हो तो तत्काल अपने नजदीक के सामु०स्वा०केन्द्र/ प्रा०स्वा० केन्द्र पर जांच कराएं। जिला चिकित्सालय पर इसका इलाज उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि यह बीमारी एक बार ठीक होने पर दोबारा से शुरू हो सकती है इसलिए चिकित्सक की सलाह पर पूरा इलाज करवाएं।


रिपोर्ट धीरज सिंह

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