जानें आज दिनांक 14 फरवरी 2026 का पंचांग व राशिफल
🌞 वैदिक हिन्दू पंचांग – 14 फरवरी 2026, शनिवार 🌞
विक्रम संवत् – 2082
अयन – उत्तरायण
ऋतु – शिशिर
मास – फाल्गुन
पक्ष – कृष्ण
तिथि – द्वादशी सायं 04:01 तक, तत्पश्चात् त्रयोदशी
नक्षत्र – पूर्वाषाढ़ा सायं 06:16 तक, तत्पश्चात् उत्तराषाढ़ा
योग – सिद्धि रात्रि 03:18 (15 फरवरी) तक, तत्पश्चात् व्यतीपात
राहुकाल – प्रातः 09:51 से 11:16 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)
सूर्योदय – 07:00 बजे
सूर्यास्त – 06:22 बजे
दिशा शूल – पूर्व दिशा
ब्रह्ममुहूर्त – 05:19 से 06:10 तक
अभिजीत मुहूर्त – 12:18 से 01:04 तक
निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:16 से 01:06 (15 फरवरी) तक
🌥️ व्रत एवं विशेष
मातृ-पितृ पूजन दिवस
शनि प्रदोष व्रत
🔹 विशेष शास्त्र मत: द्वादशी को पोई (पूतिका) एवं त्रयोदशी को बैंगन का सेवन वर्जित बताया गया है।
🔮 आज का राशिफल (12 राशियाँ)
♈ मेष
आज कार्यक्षेत्र में उन्नति के संकेत हैं। किसी पुराने मित्र से मुलाकात लाभकारी रहेगी। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिल सकता है।
♉ वृषभ
धन संबंधित मामलों में सावधानी रखें। परिवार में धार्मिक आयोजन की योजना बन सकती है। वाहन चलाते समय सतर्क रहें।
♊ मिथुन
नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापारियों के लिए लाभ का दिन। दाम्पत्य जीवन मधुर रहेगा।
♋ कर्क
मानसिक तनाव कम होगा। रुका हुआ धन मिलने के योग हैं। माता-पिता का आशीर्वाद लाभ देगा।
♌ सिंह
आत्मविश्वास बढ़ेगा। नए कार्य की शुरुआत के लिए समय अनुकूल है। समाज में मान-सम्मान प्राप्त होगा।
♍ कन्या
व्यर्थ की चिंताओं से बचें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। निवेश सोच-समझकर करें।
♎ तुला
व्यापार में लाभ होगा। दाम्पत्य जीवन सुखद रहेगा। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी।
♏ वृश्चिक
कार्यक्षेत्र में प्रतिस्पर्धा रहेगी, परंतु सफलता मिलेगी। संतान से सुख मिलेगा।
♐ धनु
भाग्य का साथ मिलेगा। यात्रा के योग बन रहे हैं। शिक्षा और प्रतियोगिता में सफलता संभव।
♑ मकर
धन हानि से बचने के लिए सतर्क रहें। परिवार में सामंजस्य बनाए रखें।
♒ कुम्भ
नया व्यवसाय शुरू करने के लिए अनुकूल समय। मित्रों से सहयोग मिलेगा।
♓ मीन
आध्यात्मिक झुकाव बढ़ेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
🔸 शनिवार विशेष उपाय 🔸
🔹 पीपल के वृक्ष का स्पर्श कर ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का 108 बार जप करें।
🔹 पीपल की जड़ में जल अर्पित कर दीपक जलाएं।
🔹 आर्थिक कष्ट निवारण हेतु जल, दूध, गुड़ व काले तिल मिलाकर पीपल में अर्पित करें तथा
‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र जपते हुए 7 परिक्रमा करें।
डेस्क


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