चैत्र पूर्णिमा के अवसर घरभरन बाबा के स्थान पर तीन दिवसीय मेला शुरू
रेवती (बलिया) रेवती नगर के दक्षिण स्थित नौवाबारा मौजा में चैत्र पूर्णिमा के दिन घरभरन बाबा ब्रह्म तथा अश्वकामिनी माता के स्थान पर होने वाली तीन दिवसीय मेला पुजारी सुखारी राजभर के पूजन से शुरू हुआ। जनश्रुतियों के अनुसार रेवती निवासी घरभरन पाण्डेय नौवाबारा मौजा में अपने खेतों की कटाई के बाद बोझों को बाँध रहे थे। इस बीच अचानक एक वृद्धा पानी पिलाने की याचना पाण्डेय बाबा से करने लगी। बाबा ने तुरंत कुआं से जल निकल कर बूढ़ी को पानी पिला दिये। पानी से तृप्त बूढ़ी महिला ने स्वयं को अश्वकामिनी बताया तथा देवी के रूप में दर्शन देते हुए बाबा को असीमित बल का स्वामी होने का वरदान दिया लेकिन यह शर्त भी लगा दिया कि वरदान का रहस्य किसी को बताने पर आपकी मृत्यु हो जायेगी। वरदान के बाद घरभरन बाबा में अथाह बल आ गया। उनके बल की चर्चा होने लगी। एक दिन बाबा में आई अचानक शक्ति के बारे में उनकी पत्नी उनसे पूछने लगीं। काफी मना करने पर भी जब वो नहीं मानींं तो बाबा को सही बात बतानी पड़ी। बताने के पश्चात बाबा की मृत्यु हो गयी। तब से बाबा एवं अश्वकामिनी देवी की पूजा होने लगी। घरभरन बाबा को दूध चढ़ाई जाती है । चैत्र पूर्णिमा के दिन यहां तीन दिनों का मेला लगता है एवं प्रेत बाधाओं से छुटकारा पाने हेतु दूर दूर से लोग आते हैं ।
पुनीत केशरी


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