सत्संग से जागृत होती है बुरे कर्मों को त्यागने की प्रवृत्ति : साध्वी साधना
गड़वार(बलिया) क्षेत्र के त्रिकालपुर गांव स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में चल रहे अभिषेकात्मक रुद्र महायज्ञ के छठवें दिन शनिवार को वैदिक मंत्रों के उच्चारण और प्रवचन कथा से लोग निहाल हो गए। इस दौरान पूरे कस्बे का माहौल भक्तिमय हो गया। अयोध्या से पधारी कथावाचिका साध्वी साधना ने सत्संग पर कथा सुनाकर लोगों को भावविभोर कर दिया। उन्होंने बताया कि सत्संग का प्रभाव महान है। जो भी सत्संग महापुरूषों के वचन सुनता है, मनन करता है। और उन पर अमल करता है। उसका जीवन सफल हो जाता है। जीवन को समुन्नत बनाने और सुधारने के लिए सत्संग मूलाधार है।श्रेष्ठ और सात्विक जनों का संग करना, उत्तम पुस्तकों का सत्संग,पवित्र और धार्मिक वातावरण का संग करना,यह सब सत्संग के अन्तर्गत आता है। वहीं यज्ञ में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आयोजन समिति के द्वारा अच्छी व्यवस्था की गई है। यज्ञ को लेकर मंदिर परिसर का माहौल भक्तिमय बन गया है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिलाएं और बच्चे यज्ञ-मंडप की परिक्रमा कर रहे है। मंदिर परिसर के बाहर मेला सा दृश्य है और यज्ञ को लेकर आसपास तथा सीमावर्ती गांवों के लोग भी पूरी श्रद्धा भक्ति के साथ शामिल हो रहे है। यज्ञ को लेकर ग्रामीणों में जबरदस्त उत्साह है।
रिपोर्ट : डी. पाण्डेय


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