लौकी तोड़ने के लिए विद्यालय की छत पर चढ़ा छात्र की विद्युत करंट से मौत,परिवार में मचा कोहराम
गड़वार(बलिया)थाना क्षेत्र के कनैला हरिजन बस्ती नवीन पोखरा स्थित प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले कक्षा चार का छात्र अरशद की विद्यालय की छत के उपर से गुजर रही 11 हजार केवी हाई-टेंशन तार की चपेट में आने से मौत हो गई। इस घटना को लेकर परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं इस घटना से आक्रोशित ग्रामीण भी मौके पर पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया। थाना क्षेत्र के बिसुकिया गांव निवासी इजहार का 12 वर्षीय पुत्र अरशद कनैला गांव के नवीन पोखरा हरिजन बस्ती स्थित प्राथमिक विद्यालय में कक्षा चार का छात्र था। रोज की भांति सोमवार को भी विद्यालय में पढ़ने के लिए गया था। मृतक छात्र अरशद के परिजनों ने शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विद्यालय के शिक्षक अरशद को विद्यालय के छत पर लौकी तोड़ने के लिए भेज दिए। विद्यालय के छत के उपर से ही गुजर रहे 11 हजार केवी हाई-टेंशन के तार में प्रवाहित करंट की चपेट में आने से मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। मौके पर जुटे आक्रोशित ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर एसडीएम सदर, सीओ सीटी,बीएसए,खण्ड शिक्षाधिकारी सहित गड़वार, सुखपुरा,फेफना और चितबड़ागांव सहित आधा दर्जन थानों की पुलिस फोर्स घटना स्थल पर पहुंच गई। हंगामा कर रहे ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को घटना स्थल पर बुलाने की मांग पर अड़े रहें। उनकी मांग थी कि पीड़ित परिवार को मुआवजे के रूप में एक करोड़ रुपए और घर के किसी सदस्य को सरकारी नौकरी मिले। घटना स्थल पर मौजूद अधिकारियों द्वारा हंगामा कर रहे ग्रामीणों को कई घंटों बाद काफी समझाने बुझाने और उचित आश्वासन देने के बाद ग्रामीण मानें। मृत छात्र अरसद अपने माता-पिता के छह संतानों में सबसे छोटा था और वह काफी होनहार था।
एचटी तार 40 वर्ष पूर्व लगा था जबकि विद्यालय का निर्माण छह वर्ष पूर्व हुआ,आखिर इजाजत किसने दी थी
मिली जानकारी के अनुसार विद्यालय का निर्माण करीब छह वर्ष पहले हुआ है। जबकि उपर से हाई-टेंशन तार करीब 40 वर्ष पूर्व से गया हुआ है। सवाल यह उठता है कि हाई-टेंशन तार के नीचे प्राथमिक विद्यालय का निर्माण करने की किसने इजाजत दी थी ? किसने निर्माण कराया ? कौन खण्ड शिक्षाधिकारी था? कौन ठेकेदार था ? किसने इस जमीन पर स्कूल बनाने की इजाजत दी थी ? इसको लेकर ग्रामीणों में तरह-तरह के यक्ष प्रश्न और चर्चाएं हो रही हैं।
रिपोर्ट : डी.पाण्डेय


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