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महामंत्र के जाप से जागृत होती है आध्यात्मिक चेतना : अपरिमेय श्यामल दास


बलिया । इस्कॉन मंदिर , लखनऊ के अध्यक्ष अपरिमेय श्यामल दास ने कहा है कि मनुष्य का असली धर्म सेवा है । सेवा के बगैर कोई नही रह सकता । उन्होंने कहा कि अध्यात्म के जरिये ही स्वयं की जानकारी मिलती है । उन्होंने जोर देकर कहा कि हरे कृष्ण हरे कृष्ण महा मंत्र के जाप से इस कलयुग में आध्यात्मिक चेतना का जागरण किया जा सकता है । 
  इस्कॉन मंदिर , लखनऊ के बैनरतले बुधवार से तीन दिवसीय श्री मद भगवद गीता सत्संग सेमिनार शुरू होगा , जिसमें श्री भगवद गीता के विविध महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला जायेगा । इस्कॉन मंदिर , लखनऊ के अध्यक्ष अपरिमेय श्यामल दास ने इस आशय की जानकारी मंगलवार को यहाँ एक होटल में पत्रकारों को दी । उन्होंने बताया कि कल पलिया ग्राम में शुरू हो रहे तीन दिवसीय सेमिनार में सत्संग की शुरुआत मैं कौन हूं , से शुरू होगी । उन्होंने कहा कि लोग श्री मद भगवद गीता की जानकारी किये ही परलोक सिधार जाते हैं तथा उनको स्वयं के अस्तित्व व यथार्थ के बारे में जानकारी नही हो पाती । उन्होंने कहा कि लोग सिर्फ यही जानते हैं कि उनकी पहचान अमुक नाम , जाति व स्थान से है लेकिन लोगों को यह समझना होगा कि यह शरीर की पहचान है आत्मा की नही । आम जनमानस को यह भी बोध कराना होगा कि भगवान कौन हैं । लोग हिन्दू , मुस्लिम , सिख व ईसाई को अपना धर्म मान लेते हैं । यह पन्थ हैं , धर्म नही । धर्म का तात्पर्य धारण करने से है । हम अध्यात्म के वास्तविक अर्थ को नही समझ पाते । अध्यात्म से आशय स्वयं का अध्ययन करने से है । हिन्दू धर्म में 33 करोड़ देवी देवता हैं । हम दिन के हिसाब से देवताओं की पूजा करते हैं । हम सनातन धर्म से जुड़े हैं लेकिन हमें परम ब्रम्ह परमात्मा के बारे में जानकारी ही नही है । हम आत्मा के अस्तित्व को ही समझ नही पाते । उन्होंने जोर देकर कहा कि धर्म का वास्तविक अर्थ सेवा से जुड़ा है , इसके बगैर मनुष्य जीवन की कल्पना ही सम्भव नही है । उन्होंने एक सवाल के जबाब में कहा कि आध्यात्मिक चेतना के जागरण के लिये हरे कृष्ण महा मन्त्र का जाप है । उन्होंने कहा कि सेमिनार में इस विषय पर भी सत्संग होगा कि आखिर अच्छे लोगों के साथ बुरा व बुरे लोगों के साथ अच्छा क्यों होता है । उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन का उद्देश्य आत्मा का परमात्मा से सम्बंध स्थापित करने का होता है । उन्होंने बताया कि सेमिनार में शास्त्र के अनुसार शिक्षा दी जायेगी । इस मौके पर मंदिर के उपाध्यक्ष व कार्यक्रम संयोजक लाल बहादुर यादव आदि भी मौजूद रहे ।




रिपोर्ट : डेस्क

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