परिवहन मंत्री की संस्तुति के बावजूद बदहाली से नहीं उबर रहा रसड़ा रोडवेज
पूरी तरह से खंडहर में तब्दील रसड़ा का रोडवेज
रसड़ा (बलिया) : सरकार सभी क्षेत्रों में विकास की अविरल धारा बहाने का खुब ढिंढोरा भले ही पीट रही हो लेकिन उसका यह दावा अनेक क्षेत्रों में पूरी तरह से हवा-हवाई ही साबित होकर रह गया है। इसका प्रत्यक्ष जीता जागता उदाहारण रसड़ा का बस स्टेशन की बदहाल स्थिति को देखकर आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि विभागीय उदासीनता ने यात्रियों के लिए परेशानी का सबब खड़ा कर दिया है। वैसे तो प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री द्वारा इसे आदर्श बस स्टेशन बनाने की संस्तुति जुलाई माह में ही प्रदान की चुकी है किंतु लगभग पाच महीनें बीत जाने के बावजूद भी यहां बढ़ती गंदगी और विरानगी यह बताने के लिए काफी है कि विभागीय अधिकारी इस स्टेशन का कायाकल्प को मूर्त रूप देने के लिए कितने तत्पर नजर आ रहे हैं। वर्तमान में आलम यह है कि जहां साफ-सफाई, शौचालय सहित सभी बुनियादी सुविधाएं पूर्णत: नदारद हैं वहीं भारी गंदगी के कारण यात्री तो परिसर के अंदर जाना मुनासिब नहीं समझते किंतु आवारा पशु जैसे गदहा, सुकर आदि जानवरों के लिए अच्छा-खासा बसेरा व चारागाह अवश्य बनकर रह गया है। इस बस स्टेशन की बदहाल स्थिति को देखने से एक तरफ जहां विभागीय लापरवाही उजागर हो ही जाती है।वहीं आलम यह कि इस स्टेशन परिसर में नाममात्र की मूलभूत सुविधाएं ही नहीं रह गई हैं। गंदगी के कारण एक भी यात्री परिसर में जाना मुनासिब नहीं समझता जिसके कारण यह बस अड्डा धीरे-धीरे अपने अस्तित्व को खोता चला जा रहा है हुजूर ।
रिपोर्ट : पिन्टू सिंह


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