पुलिसिया उत्पीड़न से परेशान है दोपहर थाने की जनता
दुबहर, बलिया । लोगों की रक्षा की जिम्मेदारी उठाने वाली पुलिस ही जब लोगों का उत्पीड़न करने लगे तो आमलोग आखिर किस पर विश्वास करें ,ऐसा ही वाकया बीती रात दुबहर थाना क्षेत्र के बसरिकापुर ढाले पर हुआ जब निरुपुर निवासी एक युवक छठू गुप्ता पुत्र भोला बलिया से अपने घर जाने के लिए ऑटो में बैठा तो ऑटो वालों ने बसरिकापुर में ही उसको उतार दिया और आगे जाने से मना कर दिया ।युवक पैदल ही अपने घर जा रहा था तभी दुबहर थाने के एक दरोगा और सिपाहियों ने उस युवक को रोककर पूछताछ की युवक ने आपबीती सभी बातें बताई लेकिन दुबहर थाने के दरोगा और सिपाहियों ने उसे बलपूर्वक थाने में लाकर रात भर थाने में बैठाये रखा । सुबह जब उसके परिजन थाने पहुंचे तो थाने के एक नायब दरोगा ने भी उसे छोड़ने के एवज में दो हजार रुपये की मांग कर डाली और कहा कि इसका चालान होगा । न्यायालय के चक्कर में फंसने से बचने के लिए युवक के परिजनों ने किसी तरह एक हजार रुपए जुटाकर दरोगा को दिया और युवक को घर लेकर गए । दुबहर पुलिस के इस रवैए से क्षेत्र के लोग काफी मर्माआहत हैं । दो दिन पहले भी बंधुचक में छज्जे को विवाद को लेकर गिरी समुदाय के दो पक्षो में झगड़ा हुआ जिस में घायल एक महिला जब थाने में तहरीर लेकर पहुंची तो संबंधित थाने के एक सिपाही ने मुकदमा लिखने के लिए उससे पैसे की मांग की । महिला पैसा देने की स्थिति में बिल्कुल ही नहीं थी । जब इसकी सूचना बन्धुचक के प्रधान को हुई तो वह थाने पर पहुंचकर पुलिस वालों पर कुछ खर्च करके किसी तरह उस महिला का मुकदमा पंजीकृत करवाएं ।
रिपोर्ट:- नितेश पाठक


No comments