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रेलवे ट्रैक काटने का जब हुआ खुलासा तो सामने आई यह कहानी



नगरा, बलिया। बलिया मऊ रेलवे खंड पर ट्रैक काटे जाने के मामले में एक फूल दो माली की कहानी खुलकर सामने आयी है। पुलिस की दिन भर की अथक प्रयास के बाद गुरुवार की देर शाम प्रेमिका के दूसरे असफल आशिक ने ट्रैक को काटे जाने की बात स्वीकार कर ली और अपने द्वारा ही बूने जाल में फस गया।प्रेमिका को अपना न बना पाने की कसक मन मे लिये अपने औद्योगिक प्रशिक्षण का बखूबी इस्तेमाल किया। फिलहाल वह मऊ जनपद के हलधरपुर पुलिस के कब्जे में है।

       बलिया मऊ रेल प्रखंड पर मऊ जनपद के हलधरपुर थाना क्षेत्र के मुबारकपुर पुलिया के पास गुरुवार की एक सिरफिरे आशिक ने रेलवे ट्रैक को गैस कटर से काट दिया था। ट्रैक के पास ही एक पत्र भी रखा गया था जिसमे स्थानीय थाना क्षेत्र के एक युवती से संबंधित चेतावनी लिखी थी। साथ ही पचास करोड़ रुपये की डिमांड भी रखी गयी थी। इस मामले में बलिया व मऊ जनपद के संयुक्त पुलिस अधिकारियों ने मामले की तह तक पहुँचने के लिये छानबीन शुरु कर दी। देर शाम पूछताछ के लिए लाए गए युवक ने पूरे मामले पर से पर्दा उठाया तब जाकर दोनों जनपदों की पुलिस व रेलवे प्रशासन ने राहत की सांस ली। पत्र में लिखी गयी सम्बन्धित युवती से दो युवकों का प्रेम प्रमंच चल रहा था। जिसमे एक युवक अपनी प्रेमिका को ले भागने में सफल रहा। दूसरे युवक द्वारा प्रेमिका को भगा ले जाने से आहत पहला आशिक इस बात को बर्दाश्त न कर सका। उसने अपने प्रेमिका को घर लाने व दूसरे प्रेमी को सबक सिखाने के उद्देश्य खतरनाक ताना बाना बुना। उसने दूसरे प्रेमी को फसाने के लिये ट्रैक काटकर उस प्रेमी का मोबाइल नम्बर देते हुए पत्र लिख ट्रैक पर छोड़ दिया। यह प्रेमी उस समय संदेह में आया जब उसका मोबाइल नम्बर ट्रेस करने पर लोकेशन ट्रैक पर ही बता रहा था। सिरफिरा आशिक दो भाईयों में बड़ा है। पिता मजदूरी कर घर का जीवकोपार्जन चलाता है। लोगों की माने तो आशिक ने फिटर ट्रेड से आईटीआई भी किया है जिसके द्वारा प्रशिक्षण का इस घटना में दुरुपयोग किया है। अंततः युवक के लिए न खुदा मिले न सनम की कहावत चरितार्थ हुई।

ना लिखा होता प्रेमिका का पता तो खाक  छानती पुलिस

नगरा। सिरफिरे आशिक ने अगर पत्र में अपनी प्रेमिका का नाम व पता न लिखा होता तो पुलिस और रेलवे प्रशासन कई दिनों तक खाक छानती रहती। आशिक द्वारा पत्र में अपनी प्रेमिका का जिक्र करना पुलिस के लिए वरदान तो उसके लिये अभिशाप बन गया। पत्र के जरिये पुलिस 24 घंटे के अंदर ही मामले की तह तक पहुंच गयी। वहीं दूसरी तरफ प्रेमी को फंसाने के लिऐ बुने गये जाल में आशिक खुद ही पुलिस के हत्थे चढ़ गया।



रिपोर्ट संतोष द्विवेदी

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