NH-31 के दोनों तरफ और गंगा किनारे हो रही जबरदस्त सफाई, कहीं कोई त्योहार तो नहीं ?
रामगढ़, बलिया । राष्ट्रीय राजमार्ग 31 पर हुकुमछपरा काली मन्दिर से दया छपरा तक सड़क के दोनों तरफ सफाई कर्मियों की भीड़ और युद्धस्तर पर हो रही सफाई को देखकर सड़क से गुजरने वाले प्रत्येक राहगीर के मन मे ये सवाल उठ रहा है कि ना होली न दीवाली फिर अचानक इतनी सफाई कैसी ? वहीं दूबेछपरा ढाला पर कुछ लोगों के आपसी बात चीत से पता चला कि गोपालपुर गंगा घाट पर भी सफाई और घाट निर्माण का कार्य चल रहा है.. वहाँ जा कर देखा तो कौतूहल का विषय और भ्रमित हो गया। राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने वाले कुछ राहगीरों ने इसे स्वच्छ भारत का हिस्सा बताया तो किसी ने जनप्रतिनिधि का सकारात्मक विकास का पहल बताया। उक्त बातें राहगीरों का कौतूहल था अब मुख्य मुद्दे और साफ पर ध्यानाकर्षण किया जाये तो ये सब कुछ 27 जनवरी को गंगा यात्रा के उपलक्ष्य में उत्तरप्रदेश के राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल के बलिया आगमन का हिस्सा है।
इस तरफ की तैयारियों को देखकर हर किसी के मन में ऐसे सवाल आना आम बात है, मौका चाहें जो भी हो सफाई तो अच्छी हो ही जाएगी लेकिन क्या इस तरफ की साफ सफाई और तैयारी क्या कभी आम जनमानस के लिए मुमकिन है ? कदम कदम पर सड़क के किनारे 40 से 50 के बीच सफाई कार्य में लगे सफाईकर्मी कभी गाँव के गलियों और सड़कों पर दिखाई क्यों नहीं देते ? हुकुमछपरा काली मन्दिर से दयाछपरा वही जगह है जहाँ पिछले साल सितंबर महीने में गंगा कटान से पीड़ित लोग बेघर होकर आश्रय लेने को मजबूर हुए और आज भी दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर है लेकिन अब शासन प्रशासन का ध्यान सिर्फ गंगा यात्रा और राज्यपाल के आगमन की तैयारियों तक सीमित है जबकि यह कड़वा सत्य है कि युद्धस्तर पर हो रही इस तैयारी में जितना धन खर्च किया जायेगा उस लागत में एक ठोकर बनाया जा सकता था या कई बेघर लोंगो के सर पर छत का आश्रय दिया जा सकता था।
रिपोर्ट : रविन्द्र नाथ मिश्र


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