भ्रूण हत्या को रोकिये यही सबसे बड़ा महिला शशक्तिकरण हैं : ऋचा वर्मा
बांसडीह, बलिया । जिला बिधिक सेवा प्राधिकरण बलिया के तत्वावधान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बांसडीह ब्लॉक के डवाकरा हाल में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं व बिधवाओ के लिये बिधिक जागरूकता शिविर एवम भारतीय संविधान में उल्लेखित नागरिकों के मूल कर्तब्य एवम अधिकारों के प्रति जागरूकता शिविर के तहत एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी के मुख्य अतिथि जिला बिधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ऋचा वर्मा ने सर्वप्रथम माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्वलित कर किया।
गोष्ठी को संबोधित करते सचिव ऋचा वर्मा ने कहा कि सरकार की प्रमुख योजनाओं को जानना व उसके क्रियान्वयन के बारे में आपको जानकारी रखनी चाहिए।अपनी सोच को बदलिये।आपस मे एक दूसरे को आप जगह नही दे पाती तो किस बात का शशक्तिकरण होगा।उन्होंने कहा कि जब आप जागरूक होगी और आप के अंदर जागरूकता आ जायेगी तो हर दिन महिला दिवस हैं।कहा कि आज भी 65 प्रतिशत जगहों पर महिलाओं से परिवार में सलाह नही ली जाती।राजस्थान के कई ऐसे गाँव हैं जहाँ पचास सालो से बारात नही आई इसका मुख्य कारण के बारे में पता चला तो पाया गया कि इसके लिये जिम्मेदार भ्रूण हत्या हैं।इस पर रोक लगनी चाहिए।यह एक बहुत बड़ा अपराध हैं।ईश्वर ने प्रज्जनन की शक्ति महिलाओं को दिया हैं ।और यहाँ आई हुई महिलाओं से आग्रह हैं कि वे भ्रूण हत्या रोकने में मददगार साबित हो।बेटी के पैदा होने पर आप खुसी मनाइए। उन्हें बड़ा करिये ।शिक्षित बनाइये यही महिला शसक्तीकरण हैं।उन्होंने कई बाते बताई जो महिलाओं के लिये उपयोगी हो सकता है।
कार्यक्रम के बिशिष्ट अतिथि तहसीलदार गुलाबचन्द्रा ने कहा कि बैदिक काल हो मध्यकाल हो या प्राचीन काल तक अनेक महिलाओं ने अपने बीरता का पराक्रम इस देश व समाज के लिये किया है।रानी पद्मावती से लेकर रानी लक्ष्मीबाई तक इन्दिरा गांधी से लेकर किरण बेदी तक के अनेक उदाहरण हैं की महिलाएं अपने देश व समाज को अपना योगदान दी हैं।
कार्यक्रम में खण्ड बिकास अधिकारी रणजीत कुमार, राकेश तिवारी छोटे , दा दीपक,पूनम गुप्ता, मंजू पांडेय,रामवती,अरुण कुमार सिंह ,आदि रहे।गोष्ठी का संचालन जमील अहमद ने किया।
रिपोर्ट : रविशंकर पांडेय


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