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कोरोना के मामले में जनपद की स्थिति बेहतर, बस सतर्क रहने की जरूरत


बलिया: कोरोना के मामले में जनपद काफी बेहतर स्थिति में है। यहां कुल पॉजिटिव केस 59 थे, जिनमें 49 ठीक होकर घर जा चुके हैं। वर्तमान में मात्र दस एक्टिव केस हैं। राहत की बात है कि एकाध को छोड़ किसी भी मरीज में कोई लक्षण नहीं था। रिकवर रेट बेहतर रहा और अब तक कोई जनहानि नहीं हुई। 
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में जिलाधिकारी ने कहा, अभी साढे तीन सौ जांच की रिपोर्ट आनी बाकी है। अगर आगे भी कोई पॉजिटिव आता है तो इसके लिए हमारी मेडिकल टीम तैयार है। यह भी सौभाग्य की बात रही कि एक एलटी को छोड़ जिले का कोई भी कोरोना योद्धा इसकी चपेट में नहीं आया। यह हम सबकी जागरूकता व सतर्कता की देन है।

*7 हॉटस्पॉट ग्रीन जोन में परिवर्तित*

- जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में कुल हॉटस्पॉट की संख्या 43 हो गयी थी। इनमें 5 व 7 जून को जहां मरीज मिले थे, उन गांवों में दोबारा मरीज नहीं मिलने पर हॉटस्पॉट खत्म कर ग्रीन जोन में परिवर्तित कर दिया गया है। रेवती के भैंसहा गांव में दोबारा मरीज मिलने पर वहां कन्टेनमेंट जोन बना रहेगा।

*नगरीय क्षेत्र के पास मरीज मिलना चिंताजनक, बरतें विशेष सावधानी*

जिलाधिकारी ने कहा कि नगरीय क्षेत्र के आसपास जैसे अमृतपाली व तिखमपुर में पॉजिटिव केस का मिलना चिंताजनक है। इसके लिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। हमारा पूरा प्रयास है कि इसका प्रसार नहीं हो, लेकिन इसमें आम जनता का सहयोग सबसे ज्यादा जरूरी है।

*22 जून के बाद स्थिति बेहतर होने का अनुमान*

- जिलाधिकारी ने कहा कि प्रवासियों की वजह से थोड़ी सेंसिटिविटी पैदा हुई। जिले में मिले कुल पॉजिटिव केस में दो केस ही लोकल हैं। हालांकि, एकाध मरीजों में ही लक्षण भी मिले थे। बाकी सभी लक्षणविहीन थे। जिलाधिकारी ने कहा कि पहली जून तक जिले में प्रवासी लोगों के आने का सिलसिला जारी था। उनका 21 दिन का होम क्वारांटाइन पीरियड 22 जून को पूरा होगा। ऐसे में यह जरूरी है कि 22 जून तक विशेष सावधानी बरतें। आशा है, उसके बाद स्थिति बेहतर होनी शुरू हो जाएगी।

*प्रवासियों को दी जा रही राहत सामग्री व एक हजार रूपए*

डीएम श्री शाही ने कहा कि कुल 70 हजार से आसपास लोग बाहर से आए। सभी को फॉलोअप करने के साथ हर परिवार को राहत सामग्री दी जा रही है। उनको एक हजार रूपए के रूप में तात्कालिक सहायता भी उनके खाते में एकाध दिनों में भेज दी जाएगी। इसके अलावा जिनका राशन कार्ड नहीं है उनका राशन कार्ड बनाकर जून व जुलाई महीने में फ्री राशन दिया जा रहा है। सभी प्रवासी लोगों की स्किल मैपिंग कर उनकी कुशलता के आधार पर रोजगार देने का भी प्रयास जारी है।

*मनरेगा योजना बनी रोजगार का बड़ा जरिया*

- जिलाधिकारी ने कहा कि इस संकट में मनरेगा योजना रोजगार की बड़ा जरिया बनकर उभरी है। वर्तमान में 70 हजार से अधिक श्रमिक इसमें काम कर आय प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें प्रवासी मजदूरों की भी संख्या अधिक है। हमारा प्रयास है यह संख्या एक लाख से पास पहुंच जाए। अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ा जाए ताकि उनके भरण पोषण में कोई दिक्कत न हो। रोजगार देने के साथ इस बात का भी ख्याल रखा जा रहा है जो कार्य हो रहा है वह कारगर हो और आम जनता के लिए उपयोगी हो। मनरेगा मजदूरों का भुगतान भी हप्ते से दस दिन में करने की व्यवस्था की गयी है। अन्य विभागों से समन्वय बनाकर अधिक से अधिक कार्य के सृजन पर भी हमारा फोकस है। इस दौरान सीडीओ बद्रीनाथ सिंह, संयुक्त मजिस्ट्रेट अन्नपूर्णा गर्ग, बीएसए शिवनारायण सिंह मौजूद थे।




रिपोर्ट धीरज सिंह


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