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दो दिलों के मिलन का साक्षी बना पकड़ी धाम स्थित मां काली का मंदिर




# पुजारी रामबदन भगत की पहल पर देवर संग संजू ने लिए सात फेरें


बलिया अब तक असाध्य रोगों से पीड़ित लोगों की पीड़ा दूर करने और माँ काली के भक्तों के लिए आस्था का केंद्र बना पकड़ी धाम स्थित काली मंदिर शुक्रवार को एक सुखद पल का साक्षी बना. इस नेक पहल में मंदिर के पुजारी और मां काली के अनन्य भक्त रामबदन भगत की भी अहम भूमिका रही, जिसकी लोग सर्वत्र प्रशंसा कर रहे हैं.

दरअसल, बांसडीह कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत मैरिटार गांव निवासी शूकर राजभर की पुत्री संजू की शादी पूर्व में पकड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत पकड़ी गांव निवासी नागेश्वर राजभर के बड़े पुत्र के साथ हुई थी. जिससे संजू को संध्या और संगम नाम की दो लड़कियां पैदा हुई थी, लेकिन इसी बीच अचानक उसके पति का देहांत हो गया.  

भरी जवानी में संजू का विधवा होना और  ऊपर से दो बच्चियों की जिम्मेदारी उसकी ससुराल वालों को रास नहीं आ रहा था. उन्होंने संजू की शादी उसके देवर अंजय राजभर से करने का मन बना लिया,  लेकिन इसके आड़े उसके मायके वालों की सहमति आ रही थी. 

 संजू के श्वसुर ने  बीते दिनों हिचक तोड़ते हुए इसकी चर्चा उसके पिता शुकर राजभर से की. बिटिया की बिगड़ी दशा देख पिता ने हामी तो भर दी लेकिन इसके लिए संजू की इच्छा जानना जरूरी समझा. पिता की पहल पर संजू ने स्वीकृति की मुहर लगा दी. हालांकि इस स्वीकृति में मंदिर के पुजारी रामबदन दास की भी अहम भूमिका रही कारण की दोनों परिवार मां काली के उपासक थे और अक्सर मंदिर पर पूजा के लिए आते थे. 

फिर दोनों परिवारों में यह निर्णय किया कि पकड़ी धाम स्थित मां काली के आंगन में ही का विवाह वैदिक रीति रिवाज से किया जाएगा. इसके बाद 19 जून को धूमधाम से मंदिर परिसर में संजू और अंजय मां काली को साक्षी मानते हुए परिणय सूत्र में बंध गए. इस अवसर पर दोनों परिवारों के रिश्तेदारों के अलावा शुभचिंतक तथा मंदिर के तमाम कर्मचारी मौजूद रहे.



डेस्क

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