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जाने कहाँ, बिना सुरक्षा किट जान जोखिम डाल काम करने को विवश हैं विद्युत संविदाकर्मी





रतसर (बलिया): स्थानीय विद्युत उपकेन्द्र के पूर्वी फीडर के तार जर्जर होने के कारण आए दिन इनके टूटने और आये दिन विद्युत आपूर्ति बाधित होने से इस फीडर से जुड़े ग्रामीण भीषण उमस भरी गर्मी एवं मच्छरों के प्रकोप से रातों की नींद नही ले पा रहे है। इस उपकेन्द्र से जुड़े पांच दर्जन गांवों में विद्युतीकरण अस्सी के दशक में हुआ था तब से लेकर आज तक क्षेत्र में लगे खम्भों पर एचटी तार एवं लकड़ी के बने क्रास आर्म अब सड़ चूके है जिसको आज तक विभाग बदल नही पाया। क्रास आर्म कई जगह टूट गए है एवं तार पूरी तरह से जर्जर हो चुका है  विभाग में तैनात संविदाकर्मी किसी तरह जुगाड़ कर लाइन चला रहे है। इस बावत संविदाकर्मी आकाश मौर्या, रविन्द्र वर्मा एवं मोतीलाल ने बताया कि विभाग की तरफ से ना ही हम लोगों को कोई सेफ्टी किट मिला है और ना ही जरूरी संसाधन ही है। आए दिन क्षेत्र में जगह-जगह तार टूटकर गिरते रहते है इनको दुरूस्त रखने में कई तरह का जोखिम उठाना पड़ता है। 

संसाधन के अभाव में कार्य में देरी होने पर विभाग की डांट तो सुननी ही पड़ती वहीं क्षेत्र में जनता से  जलालत झेलनी पड़ती है। बताते चले कि बरसात से पहले तारों पर लटके पेड़ों की टहनियों को काटने का टेंडर विभाग द्वारा कर दिया जाता है लेकिन सब कागजों में सिमट कर रह जाता है। जिसके कारण आए दिन तार टूटकर क्षेत्र में गिरते रहते है और विभाग मौन साधे बैठा रहता है विभाग की नींद तब खुलती है जब क्षेत्र में कोई बड़ा हादसा हो जाता है क्षेत्रीय लोगों ने विद्युत विभाग के उच्चाधिकारियों से खम्भों पर जर्जर तार एवं टूटे क्रास आर्म बदलवाने की मांग कई बार की है लेकिन विभाग पर इसका कोई असर नही पड़ रहा है।


रिपोर्ट : धनेश पाण्डेय

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