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यूपी में अब साप्ताहिक बंदी के दौरान खुलेगी मधुशाला



लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शराब भी आवश्यक वस्तुओं में शुमार हो गयी है। लॉकडाउन के दौरान दवा और आवश्यक वस्तुओं की दुकानें खुली रहने का ही आदेश था और अब इस लिस्ट भी दारु की दुकानें भी शामिल कर ली गयी हैं। यानि अब प्रदेश में शनिवार और इतवार को होने वाले लाँकडाउन के लिए शराबियों को शुक्रवार की दारू का बंदोबस्त करने की जरूरत नहीं है। उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव आबकारी संजय भुसरेड्डी के मुताबिक कंटनेमेंट जोने में यह रियायत नहीं मिलेगी यानि वहां शराब की दुकानें बंद रहेंगी।

कोराना काल में शराब कारोबारियों को काफी दिकक्तें आयी थी। हालात ये हो गयी थी तमाम दुकानदारों को लाइसेंस फीस निकालने तक में पसीना छूट गया। इसका नतीजा ये निकला की एन आबकारी सत्र में तमाम शराब की दुकानें उठ नहीं सकी थी। सरकार ने व्यावहारिक परेशानी को देखते हुए राहत के कुछ फैसले किए हैं। इनमें खास है कि मई में जो लाइसेंसधारी निर्धारित कोटा उठान नहीं कर सके हैं, उन्हें छूट दी जाएगी। इसके बाद बड़ी दुकानों को क और ख श्रेणी में बांटा गया ताकि एक बड़ी दुकान न उठे तो इसके बदले दो छोटी दुकानें उठ जाएं। आबकारी विभाग को भी यह सब करने में मई से लेकर जूनु तक का वक्त लग गया। अभी भी कई जिलों में तमाम शराब की दुकानें उठ नहीं पायी हैं।

वही जिन लोगों ने दुकानें ले भी ली है वो भी फंसे हुए महसूस कर रहे हैं। बेरोजगारी और मंदी का असर शराब कारोबार पर भी पढ़ रहा है। बियर कारोबारियों की तो कमर ही टूट गयी है क्योंकि कोरोना काल में लोग बियर पीने से परहेज कर रहे हैं। आबकारी अधिकारी इन तथ्यों को खुद स्वीकार करते हैं। जैसे तैसे कारोबार चल रहा था कि सरकार ने यूपी में हफ्ते में दो दिन का लाँकडाउन लगाने की घोषणा कर दी। दो दिनी बंदी ने शऱाब कारोबारियों को बडा झटका दिया। इनका कहना है कि वीकेंड होने के कारण शनिवार और रविवार को शराब की बिक्री और दिन की अपेक्षा ज्यादा होती थी। कई जिलों में शराब कारोबारियो ने जिला आबकारी अधिकारी से मांग कर दी कि या तो दो दिन दुकानें खोली जायें या कोटा उठान और दूसरी चीजों में राहत मिले। राजस्व घाटा होते देश सरकार ने यूपी में लॉकडाउन के दौरान शराब की दुकानें खोलने का आदेश जारी कर दिया है। 



डेस्क

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