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जाने किस गांव में दो दर्जन संक्रमित मरीज देख प्रशासन हुआ एलर्ट, निरीक्षण करने पहुंचे नोडल सचिव




रतसर (बलिया) कोरोना संक्रमण पर नियन्त्रण को लेकर शासन की ओर से नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई। इसके साथ ही स्वास्थ्य मन्त्रालय उत्तर प्रदेश सरकार की टीम भी बलिया में कोरोना नियन्त्रण की समीक्षा कर रही है। शनिवार को नोडल अधिकारी रंजन कुमार, सचिव लोक निर्माण विभाग एवं ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के सीईओ सुजीत कुमार ने गड़वार ब्लाक के अराजी परसिया गांव का आकस्मिक दौरा कर स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत जानी। जिले में जिस तरह से कोरोना संक्रमण तेजी से बढता जा रहा है उसको लेकर नियन्त्रण पाना चुनौती बनती जा रही है। बताते चले कि गड़वार ब्लाक के अराजी परसिया गांव निवासी एक बृद्ध की  कोविड-19 जांच 4 सितम्बर को हुई थी। जांच के बाद रिपोर्ट पाजिटीव आया था। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने उस गांव में टीम भेजकर 139 लोगों का एन्टीजन जांच एवं 193 लोगों का आरटीपीसीआर कराया था। जांचो परान्त कुल 24 कोरोना संक्रमित मिले जिसमें से 22 लोगों को होम आइसोलेसन एवं 2 मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए सुपर फैसिलीटी सेन्टर फेफना शिफ्ट करा दिया गया था। इसी को देखते हुए जनपद से नोडल अधिकारी उस गांव में पहुंच कर ग्रामीणों को कोरोना वायरस बीमारी के बारे में पूरी जानकारी देते हुए कहा कि इसका वायरस फिजिकली तौर पर अंदर जा सकता है इसलिए नाक, मुंह छुने से बचे। मास्क का उपयोग हमेशा करे। उन्होने कहा कि कोई पाजिटिव आ जाए तो घबराए नही। जो दवा मिल रही है उसे जरूर खाए। घर पर जाने वाली टीम को सही-सही जानकारी दे। आठ घंटे की नीद ले एवं दिन में भाप ले। प्रतिदिन तीन से चार लीटर गुनगुना पानी पीएं। सबसे जरूरी है कि कन्टेक्ट ट्रेसिंग के जरिए टीम सम्पर्क में आए लोगों की जानकारी लेती है तो सही-सही बताए।
इसके पहले गांव में पहुंचते ही स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों से गांव के बारे में जानकारी ली एवं वहां उपस्थित ग्रामीणों से भी वार्ता की। स्वास्थ्य सहायक अमरनाथ चौहान, आशासंगिनी बबीता एवं आशा कार्यकर्ता के कार्यो की सराहना की। वहीं खण्ड विकास अधिकारी से पूछा कि गांव में इतने केस मिलने के बावजूद बैरिकेटिंग में देरी क्यों हुई। वहां पर उपस्थित ग्राम विकास अधिकारी पर नाराजगी व्यक्त की। साथ ही सीएचसी प्रभारी डा० राकिफ अख्तर को निर्देश दिया कि टीम तो अच्छा काम कर रही है लेकिन इस गांव के अधिकांश लोगों का बाजार हाट निकट के पचखोरा चट्टी पर होता है इसलिए तत्काल वहां कैम्प लगाकर सैम्पलिंग का कार्य कराया जाए। इस अवसर पर सीएचसी प्रभारी डा० राकिफ अख्तर, डा० आर. के. सिंह,खण्ड विकास अधिकारी विनोद मणि त्रिपाठी, कोविड टीम से धनेश पाण्डेय, बीसीपीएम अनिल कुमार, एस.एन. त्रिपाठी एवं फार्मासिस्ट सुमित सिन्हा मौजूद रहे ।


रिपोर्ट : धनेश पाण्डेय

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