Breaking News

अपनी व्यथा हम किससे कहें, किसी की नजर नही



बाँसडीह, बलिया - कोरोना काल में सरकार की नजर अब जनपदों में पड़ गई है।हालांकि  विपक्षी पार्टियां भी उंगली उठाना शुरू कर दी हैं। लेकिन जिले का एक ऐसा स्वास्थ्य केंद्र भी इसारा ही इसारा में  कुछ कहने लगा है कि दूसरों को हम कैसे  स्वस्थ करेंगे ,जब हम ही अस्वस्थ हैं। अपनी व्यथा हम किससे कहें ,  किसी की नजर नही है। यह रोना किसी चिकित्सक का नही बल्कि बाँसडीह चिकित्सा केंद्र का  है। फोटो देखकर यही समझा जा सकता है कि शायद उक्त स्वास्थ्य केंद्र  दर्द अपने दर्द से कराह रहा है। जब सुविधाएं उपलब्ध नही रहेंगी तो लाजमी है मरीजों को दर-दर भटकना पड़ेगा। जहाँ किसी प्रकार का कोई इंजेक्शन उपलब्ध नही है। इतना ही नही  बाँसडीह  प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की जगह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दर्शाया गया है। जब कि  सामुदायिक स्वस्थ्य केंद्र बाँसडीह चौराहा से लगभग 3 किमी दूरी पर अगउर गांव में स्थित है। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्वास्थ्य विभाग अपनी दशा - दिशा पर आंसू बहा रहा है। सरकार की बात करें तो आम जन के लिए कोई कमी नही किया जा रहा है। परंतु बाँसडीह स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था पर लोगों में रोष व्याप्त है। इस बावत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जितेंद्र पाल से बात की गई तो  वो अपना अलग रोना रो रहे थे।
" नेता प्रतिपक्ष का है क्षेत्र कहीं परहेज तो नही "
बाँसडीह स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था पर चाय की दुकानों में लोगों को आपस में बात करते हुए सुना गया , कि अस्पताल में कोई व्यवस्था नही है। हालांकि सरकार व्यवस्था में कोई कमी भी नही कर रही है। लेकिन बाँसडीह में  कमी क्यों है कहीं नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी का   विधानसभा है। कहीं इससे तो परहेज नही किया जा रहा ?। यह सवाल आपस में लोगों के करते हुए देखा जा रहा है।

" कोरोना महामारी से आम जन त्रस्त "- नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद ,
प्रदेश ही नही देश भर की जनता कोरोना महामारी से आजिज आ चुकी है। केंद्र , राज्य सरकार की ढुलमुल नीति ने देश को खोखला करना शुरू कर दिया है। प्रदेश  सरकार का नेता प्रतिपक्ष जरूर हूँ। समाजवादी पार्टी ने आम - जन का हमेशा ध्यान रखा है। बाँसडीह विधानसभा की जनता का आशीर्वाद मिलता रहा है आगे भी मिलेगा। लेकिन सरकार की रवैया से मैं काफी दुखी हूँ। दूरभाष पर बात करते हुए राम गोविंद चौधरी बाँसडीह विधानसभा की अनदेखी पर भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि 2022 में इसका जवाब जनता देगी। बाँसडीह स्वस्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि केवल स्वास्थ्य विभाग ही नही यहां के प्रशाशनिक अमले की भी कई तरह की शिकायतें मिल रही है। इसको हम सड़क से सदन तक मामले को ले जाऊंगा।


रिपोर्ट : रविशंकर पांडेय

No comments