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अपर पुलिस अधीक्षक ने जांच कराकर कार्रवाई का दिया आश्वासन, छात्रनेताओं का आमरण अनशन हुआ समाप्त




बलिया । कोतवाल बैरिया संजय त्रिपाठी को हटाने की मांग सहीत अन्य सात सूत्री मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बुधवार को बैठे सुदिष्ट बाबा महाविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष रवि मौर्य,पूर्व महामंत्री अमित शर्मा व उपाध्यक्ष राजकुमार यादव का आमरण अनशन अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया।
ज्ञात हो कि दो दिनों से जारी क्रमिक अनशन बुधवार को आमरण अनशन में तब्दील हो गया था।पुलिस सुबह-सबेरे आक्रामक मूड में थी शहीद स्मारक पर पहले से लगाये बैनर पोस्टर को नोचवा कर फिकवा दिया था।वही शहीद स्मारक के दोनों तरफ 100 मीटर उत्तर व 100 मीटर दक्षिण रानीगंज-बैरिया मार्ग पर पुलिस को मुस्तैद कर दिया था।पुलिस वाले अनशन स्थल पर छात्र नेताओं को जाने से रोक रहे थे और उसमें काफी हद तक सफल भी रहे।क्योंकि केवल तीन ही लोग अनशन पर बैठ सके  जबकि चार लोग अनशनकारियों के समर्थन में शहीद स्मारक तक पहुच सके थे,शेष को शहीद स्मारक पर जाने नही दिया गया।जिससे अनशनकारियों और उनके समर्थकों में काफी आक्रोश व्याप्त हो गया।छात्र संघ के उपाध्यक्ष राजकुमार यादव को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया था,किन्तु अपर पुलिस अधीक्षक के हस्तक्षेप के बाद बैरिया पुलिस ने राजकुमार यादव को छोड़ा तब जाकर वह अनशन पर बैठे।अपर पुलिस अधीक्षक के साथ अनशनकारियों के काफी देर तक वार्ता होने के बाद छात्र नेता अनशन समाप्त करने को इस शर्त पर तैयार हुए की एसएचओ संजय त्रिपाठी सहित बैरिया में तैनात पुलिस कर्मियों की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें यहा से हटा दिया जाएगा।छात्र नेताओं के राजी होने के बाद अपर पुलिस अधीक्षक ने अनशनकारी छात्र नेताओं को जूस पिलाकर अनशन समाप्त करवाया।इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी बैरिया चन्द्रकेश सिंह,तहसीलदार शिवसागर दुबे सहित भारी संख्या में फॉर्फ़ मौजूद थी।वही बलिया के छात्र नेता धनन्जय सिंह विशेन,आसुतोष सिंह,नितेश सिंह,लालबहादुर शास्त्री,लालबहादुर सिंह,मनोज यादव सहित दर्जन भर छात्र नेता अनशन समाप्त होने के समय मौके पर मौजूद थे।


बैरिया।अनशनकारी छात्र नेताओं ने अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार से वार्ता के दौरान कोतवाल संजय त्रिपाठी के खिलाफ कई संगीन आरोप लगाए,छात्र नेताओं ने कहा सेटिंग होने पर एक पक्ष का फर्जी मुकदमा भी लिख लिया जाता है।वही सही मामले होने के बाद दूसरे पक्ष की तहरीर तक फाड़ दिया जाता है।तहरीर देने वाले पीड़ितों के साथ गाली-गलौज तक किया जाता है।अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ने कहा सारे आरोपो की जांच होगी,जांच के दौरान जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई किया जाएगा,पुलिस कर्मी हो या इंस्पेक्टर किसी भी नागरिक के साथदुर्व्यवहार करने की छूट नही दिया जाएगा।




रिपोर्ट : धीरज सिंह


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