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जाने कहां, एक दिन के लिए कलेक्टर बनीं मजदूर की बेटी

 



नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में जिला प्रशासन ने एक खास पहल करते हुए एक-एक दिन के लिए आम लड़कियों को सरकारी कार्यालयों का प्रमुख बनाने का कार्यक्रम शुरू किया है। इसके तहत खेत मजदूर की 16 साल की बेटी एम श्रावणी को एक दिन के लिए अनंतपुर की जिला कलेक्टर बनने का मौका मिला। 11 अक्टूबर को श्रावणी अनंतपुर की जिला कलेक्टर थीं। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मंगलवार को श्रावणी का फोटो शेयर करते हुए ट्वीट किया है। जावड़ेकर ने न्यूइंडिया के हैशटैग के साथ ये ट्वीट किया है और प्रशासन की इस पहल की तारीफ की है।

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट में लिखा है कि आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में 16 वर्षीय लड़की श्रावणी को 11 अक्तूबर को एक दिन की कलेक्टर बनने का मौका मिला। श्रावणी के पिता किसान हैं और मां मजदूरी करती हैं। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने ये पहल की है कि जिले के सभी सरकारी कार्यालयों में एक दिन के लिए लड़कियों को प्रमुख बनाया जाएगा।

11 अक्टूबर को दुनियाभर में इंटरनेशनल गर्ल चाइल्‍ड डे के तौर पर मनाया गया था। ऐसे में इस दिन को लड़कियों के लिए खास बनाने के लिए अनंतपुर के प्रशासन ने छात्रा एम श्रावणी को एक दिन का जिला कलेक्‍टर बनाया। जिला कलेक्‍टर के रूप में एम श्रावण ऑफिस गई थीं और कुछ काम भी किए। श्रावणी गरलादिन मंडल कस्तूरबा विद्यालय की कक्षा 12 की छात्रा हैं। श्रावणी को एक दिन के लिए कलेक्टर बनाने का फैसला कलेक्टर कार्यालय परिसर में मीडियाकर्मियों के सामने ड्रॉ के माध्यम से हुआ।

अनंतपुर जिला कलेक्टर गंधम चंद्रादू का इसको लेकर कहना है कि यह कार्यक्रम छात्राओं को अपने लक्ष्यों को चुनने के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी का अनुभव करने और उच्च स्तर तक पहुंचने के लिए अध्ययन करने में मदद करने के लिए डिजाइन किया गया। बालिकाओं के लिए शुरू किए इस कार्यक्रम को जिला प्रशासन ने 'बालिक भाविशथु' (लड़कियां समाज का भविष्य है) नाम दिया है।







डेस्क

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