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पुलिस ने नहीं दिया न्याय तो अदालत ने किया इंसाफ, आरोपी पक्ष का एफआईआर करने का आदेश

 


बलिया। दुर्जनपुर हत्याकांड के मामले में आरोपी धीरेंद्र सिंह के पक्ष से रेवती थाने तथा पुलिस अधीक्षक के यहां तहरीर देने के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं होने पर पीड़ित द्वारा न्यायालय में मुकदमा दर्ज करने के लिए बृहस्पतिवार को अपील की गई थी। जिसकी सुनवाई करते हुए शुक्रवार को अपर जज (जूनियर डिवीजन) चतुर्थ/न्यायिक मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार मिश्रा ने 156(3) के तहत 21 नामजद तथा 25 से 30 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज करने के लिए रेवती थाने को निर्देश दिया।


पीड़ित आशा प्रताप सिंह पत्नी नरेंद्र प्रताप सिंह ने प्रार्थना पत्र में उल्लेख किया है कि 15 अक्टूबर 2020 को समय करीब 1:00 बजे दिन में दुर्जनपुर गांव के राजकीय सस्ते गले की दुकान के आवंटन के लिए एसडीएम बैरिया की अध्यक्षता में खुली बैठक हो रही थी। जिसमें मेरे परिवार के सदस्य एवं गांव के लोग गए हुए थे। इस दौरान किसी कारणवश एसडीएम द्वारा खुली बैठक को निरस्त कर दिया गया। चुनाव निरस्त होने के बाद मेरे के घर के सभी लोग अपने घर के लिए चले दिए, उसी समय पुरानी रंजिश को लेकर मारपीट के नियत से घात लगाए बैठे दुर्जनपुर प्रधान कृष्णा यादव पुत्र रामविलास यादव, विजय यादव पुत्र रामविलास यादव, अमित यादव पुत्र कृष्णा यादव, अभिषेक यादव उर्फ गुलशन पुत्र कृष्णा यादव, योगेश यादव पुत्र कृष्णा यादव, अजय यादव पुत्र शिवजी यादव, परशुराम यादव पुत्र अंबिका यादव, धर्मेंद्र यादव पुत्र आदित्य यादव, संत यादव उर्फ भोला यादव पुत्र गिरजा यादव, रामबाबू यादव पुत्र गिरजा यादव, मुकेश यादव पुत्र भोला यादव, चुनमुन यादव पुत्र शिवजी यादव, जयप्रकाश पाल उर्फ नामा पुत्र गुनानी पाल, चंद्रमा पाल पुत्र द्वारिका पाल, ओमप्रकाश पाल पुत्र गुनाम, ओमप्रकाश पाल पुत्र गुमानी पाल, श्रवण पाल पुत्र द्वारिका पाल, राजकुमार पासवान पुत्र प्रेम पासवान, मुन्ना पासवान पुत्र प्रभु पासवान, अर्जुन गोंड पुत्र तारकेश्वर गोंड, मुक्तेश्वर गोंड पुत्र स्व. ‌शिवबचन गोंड, गुप्तेश्वर गोंड पुत्र स्वर्गीय शिवबचन गोंड निवासी गण दुर्जनपुर (हनुमानगंज) थाना रेवती तथा उनके अलावा अज्ञात 25 से 30 लोग गोलबंद होकर लाठी, डंडा, लोहे की रॉड और नाजायल असलहा से लैस होकर जान से मारने की नियत से मेरे और मेरे परिवार के लोगों पर हमला कर दिया। इस दौरान कुछ लोगों ने ईट पत्थर भी चलाया। जिसमें मैं एवं जेठानी गंभीर रूप से घायल हो गए और बेहोश होकर जमीन पर गिर गई। मेरे पति नरेंद्र प्रताप सिंह को जान से मारने की नियत से ग्राम प्रधान कृष्णा यादव ने नाजायज असलहा से धुआंधार फायर किया और लोगों ने लाठी, डंडा व राड से मारकर घायल कर दिया। जिसके कारण बेहोश होकर जमीन पर गिर गए। इन लोगों द्वारा मेरे परिवार के अजय सिंह एवं जेठानी के भाई धर्मेंद्र सिंह को गंभीर रूप से मारापीटा गया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। जिनका इलाज वाराणसी में चल रहा है। इसके अलावा मारपीट में रेखा, सरोज, आराधना सिंह, कांति सिंह, राज सिंह के हाथ पैर भी टूट गए।


आरोप लगाया है कि इन लोगों ने भद्दी भद्दी गालियां देते हुए नाजायज असलहा दिखाकर जान से मारने की धमकी देते रहे। इस दौरान धीरेंद्र सिंह उर्फ डब्ल्यू को भी गंभीर चोटें हैं। इन लोगों के डर से गांव के लोग अपने अपने घर का दरवाजा बंद करने लगे। इस घटना को मेरे गांव के शैलेंद्र रजत पुत्र महेंद्र रजक, सुखारी रजक पुत्र जग्गू रजक, नथुनी यादव पुत्र जनक यादव एवं अन्य बहुत से लोगों ने देखा। इस मामले में रेवती पुलिस ने एक पक्ष की ओर से मुकदमा दर्ज किया, लेकिन क्रास के करने के लिए प्रार्थना पत्र थाने पर दिया गया, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। जिसके बाद पुलिस अधीक्षक को रजिस्ट्री 20 अक्टूबर 2020 को की गई। बावजूद मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद न्यायालय में 156 (3) के तहत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। इस मामले में शुक्रवार को सुनाई करते हुए अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) चतुर्थ /न्यायिक मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार मिश्रा की अदालत ने रेवती थाने को मुकदमा दर्ज करने के लिए आदेशित किया तथा आख्या न्यायालय में प्रस्तुत करने को निर्देशित किया।





रिपोर्ट- धीरज सिंह

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