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बड़ा सवाल:केवल सिपाहियो के खिलाफ ही कार्यवाही क्यों?

 


बेल्थरारोड,बलिया।  देवरिया पुलिस की गो तस्करों के खिलाफ की गई कार्यवाही बलिया पुलिस की रातों की नींद व दिन का चैन छीन लिया है। एक तरफ उभांव थाने के ठीक सामने से 2 ट्रको से बध के लिये गोवंशीय जानवर सीमा पार तब कर जाते है जब पुल पर जांच के लिये पुलिस चेकपोस्ट बना हुआ है । ऐसे में सिर्फ सिपाहियों के खिलाफ ही कार्यवाही और हल्का दरोगा बच जाते है यह चर्चा में है ? वही इस समय गोकशी के मामले में सर्वाधिक चर्चित सिकंदरपुर पुलिस पर कार्यवाही न होना भी कम चर्चा में  नही  है।

 खेत खाये गदहा मार खाए जोलहा की कहानी उभांव थाने पर चरितार्थ हो रही है। उभांव थाने पर तैनात सिपाही  दीपनारायण पासवान को गोवंश की तस्करी के मामले में देवरिया जिले के मईल थाना पुलिस द्वारा  सोमवार को गिरफ्तारी की गयी उक्त सिपाही के दोषी पाए जाने के बाद उल्टे थाने पर तैनात पांच सिपाहियों दीनानाथ यादव, रामाश्रय यादव, गांधी यादव, रणजीत यादव और हरिओम साहनी को ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में पुलिस अधीक्षक द्वारा  मंगलवार को लाइन हाजिर कर दिया गया।  उभांव थाने के सिपाही को गोवंश के तस्करी के मामले में  मईल थाना पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने के बाद उभांव थाना भी संदेह के घेरे में आ गया है। लगभग एक माह पूर्व भी उक्त सिपाही व अन्य  द्वारा पशुओं से लदे ट्रक को मोटी रकम लेकर छोड़े जाने का मामला प्रकाश में आया था। गो तस्करों द्वारा आसानी से उभांव की सीमा पार करना थाने की कारगुजारियों का ही बयान करता है। आखिर एक सिपाही बिना थाने की संलिप्तता से इतनी आसानी से कैसे गोवंशियों से भरी दो ट्रक थाना सीमा से बाहर ले जाने में सफल रहा, जबकी उस रास्ते पर थाना के अलावा तुर्तीपार चेकपोस्ट से उसे गुजरना पड़ता हो। गो तस्करी में मईल पुलिस द्वारा अन्य तस्करों के साथ गिरफ्तार सिपाही जिसे एक महिला से वसूली करने व मारने पीटने का वीडियो वायरल होने  के मामले में लाइन हाजिर बताया जा रहा है।वह जिले पर मोबाइल ड्यूटी के बाद उभांव थाना पर रह रहा था। किसी भी वाहन को थाना क्षेत्र की सीमा पार करने के पहले उभाव थाना व तुर्तीपार पुलिस चेकपोस्ट से होकर गुजरना पड़ता है। ऐसे में उभांव पुलिस के बिना संलिप्तता के गोवंशियों से भरे दो वाहनों का आसानी से सीमा पार कर जाना किसी के गले नहीं उतर रहा है। एक तरफ योगी सरकार गोवंश वध को लेकर काफी गंभीर है वहीं दूसरी तरफ उभांव सीमा पर गोकशी के लिए गोवंशियों से भरा ट्रक आसानी से देवरिया की सीमा में प्रवेश कर बिहार को भेजा जाना सरकार की मंशा पर कड़ा प्रहार है। देखना है उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इस मामले में यहां के जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई की जाती है ताकि सरकार की मंशा के विपरीत काम करने वालों के लिए एक नजीर बन सके। 

                                    


रिपोर्ट  संतोष द्विवेदी

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