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राष्ट्रीय युवा दिवस : आज भी युवाओं के प्रेरणास्रोत है स्वामी विवेकानन्द


रतसर (बलिया) स्वामी विवेकानन्द ऐसे महापुरूष थे जिनकी ओजस्वी वाणी सुन कर हताश व निराश युवाओं के मन में  सकारात्मकता का संचार हो जाता था। उन्होंने युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए जो बातें कही वह आज भी प्रासंगिक है। 'उठो जागो और तब तक मत रुको जब तक मंजिल प्राप्त ना हो जाए '। यह मंत्र स्वामी विवेकानन्द ने ही भारतीय युवाओं को दिया था। उक्त बातें क्षेत्र के जनऊपुर गांव में मंगलवार को जनऊबाबा साहित्यिक संस्था निर्झर के तत्वाधान में राष्ट्रीय युवा दिवस पर आयोजित "उत्साह नए भारत" विषयक गोष्ठी में  परशुराम युवा मंच के अध्यक्ष सक्षम पाण्डेय "रिशु " ने कही। उन्होने कहा कि विवेकानन्द भारतीय युवा शक्ति को पहचानते थे। उनकी यह स्पष्ट धारणा थी कि देश के युवा ही देश का भविष्य होते है। संस्था के सचिव अमृत कुमार ने कहा कि आज 21वीं सदी के भारत में विश्वगुरू बनने की क्षमता है।युवा विवेकानंद के विचारों को आत्मसात कर देश को उन्नति के मार्ग पर ले जाने के लिए संकल्पित हो और देश में व्याप्त भ्रष्टाचार और अपराध के समूलनाश के लिए भूमिका सुनिश्चित करे तो भारत को विश्वगुरू बनने से कोई रोक नही सकता। इस अवसर पर शुभम, पियुष, राज, अभिनव, सुधांशु, निशान्त, निरंजन, विनीत, नवनीत, आशुतोष, अवधेश, विशाल आदि रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुधाकर पाण्डेय व संचालन धनेश पाण्डेय ने किया।


रिपोर्ट : धनेश पाण्डेय

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