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जन आरोग्य मेला में आए मरीजों को स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान के बारे में दी गई जानकारी



रतसर (बलिया) स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर रविवार को जनआरोग्य मेला के दौरान सीएचसी पर आए मरीजों को कुष्ठ रोग और पेप प्लस की जानकारी दी गई। इस दौरान कुष्ठ रोग के प्रारंभिक लक्षण, उपचार और कुष्ठ रोग से जुड़ी भ्रांतियों के बारे में बताया गया। वरिष्ठ पर्यवेक्षक गोपाल जी पाण्डेय ने कहा कि अगर त्वचा पर तांबे या हल्के रंग का दाग हो जिसमें सुन्नापन हो तो तुरन्त नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर जाकर जांच कराएं और निःशुल्क दवा प्राप्त करे। कहा कि कुष्ठ रोग कोई पूर्व जन्म का पाप नही है। यह जीवाणु जनित रोग है जो किसी को भी हो सकता है। पर्यवेक्षक एस.एन.त्रिपाठी ने जनआरोग्य मेले में आए मरीजों को पंपलेट एवं फ्लैक्स बोर्ड देकर विस्तार से कुष्ठ रोग के बारे में जानकारी दी। पर्यवेक्षक धनेश पाण्डेय ने बताया कि कुष्ठ रोग छुआछुत एवं अनुवांशिक रोग नहीं है। कुष्ठ रोग की जांच एवं इलाज (6 माह या 12 माह) सभी सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है। कुष्ठ रोग की शुरुआत में ही पहचान एवं जांच करवा ली जाए तो उपलब्ध इलाज से पूरी तरह मरीज ठीक हो जाता है एवं विकलांगता भी नही आती है। बताते चले कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के दिन से स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान की शुरुआत जिला कुष्ठ अधिकारी डा० एस.के.तिवारी के निर्देशन में चलाया जा रहा है। यह अभियान 13 फरवरी तक चलेगा।


रिपोर्ट : धनेश पाण्डेय

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