Breaking News

Akhand Bharat

तहसील और थाने में भ्रष्टाचार चरम पर, बलात्कार जैसी घटनाओं को तोड मरोड़ कर किया जा रहा है पेश : राम इकबाल सिंह



बेल्थरारोड, बलिया।सूबे में बड़े माफियाओं के अपराध पर अंकुश लगा है लेकिन तहसील और थाने स्तर पर भ्रष्टाचार इस कदर बढ़ा है कि जनता कराह उठी है यहां तक कि सत्ता से जुड़े कार्यकर्ता थाने आदि पर जाने से डरने लगे हैं । मुझे लग रहा है कि सच्चाई उपर तक पहुंच नहीं पा रही है। कोई मारा हो या मार खाया हो, किसी की जमीन कब्जा किया गया हो या कोई कब्जा कर रहा हो। सारे मामलों में रिश्वत देना पड़ रहा है। बाइक पकड़े जाने पर या कार का कागज घर छूट जाने पर 20 -20 हजार रूपए तक फाइन देना पड़ रहा है। ऐसी परिस्थिति में बलात्कार की घटनाओं को भी तोड मरोड़ कर पेश करने की कोशिश की जा रही है।  केंद्रऔर सूबे की सरकार कड़ा से कड़ा रुख अख्तियार कर रही है।

        उक्त बातें भाजपा के फायर ब्रांड नेता और पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह रविवार को नगरा में पत्रकारों से बात चीत में कहे। पूर्व विधायक कहे कि बलात्कार के घटनाओं को रोकने के लिए ऐसा कानून बना हुआ है जिसपर फांसी की सजा तक हो सकती है। पूर्व विधायक रेप की दो घटनाओं का जिक्र करते हुए कहे कि 28 नवम्बर 2019 को रसड़ा क्षेत्र की एक महिला के साथ रेप की घटना हुई। उसका थाने में एफआईआर नहीं हो रहा था। उसे थाने में बैठाकर गाली दी जा रही थी। जानकारी होने पर डीआईजी और एसपी को फोन किया तो रात को 12 बजे उसकी प्राथमिकी दर्ज हुई। चार दिन बाद मेडिकल हुआ तथा सीजीएम कोर्ट में 164 के तहत बयान हुआ लेकिन कितनी शर्म की बात है कि महिला का इज्जत लूटने वाले खुलेआम घूम रहा है। कहे कि   डीजीपी को फोन कर सारी बात बताई तो उन्होंने महिला को बुलाकर जानकारी हासिल की और एसपी बलिया को फोन कर कार्यवाही करने की बात कही। पीड़िता को लेकर जब एसपी से मिला तो कहे कि जांच बदल कर क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है ।।  कहे कि जब दुष्कर्म की धारा लग चुकी है तो जांच की क्या जरूरत है, गिरफ्तारी होनी चाहिए। कहे कि आजकल करते करते एसपी का ट्रांसफर हो गया। वर्तमान एसपी से भी मिलकर हम लोगो ने अपनी बात कहीं है लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। दूसरी घटना मेरे क्षेत्र के गड़ वार थाने के एक गांव की है। एक लड़की के साथ गैंग रेप हुआ और पुलिस एक को रेप तथा दो को मारपीट का आरोपी बना दिया। कहे कि मै समझ नहीं पा रहा हूं कि पुलिस आखिर क्यो हमारी सरकार के माथे पर कलंक का टीका बनती जा रही है। पुलिस के रवैए से जनता में आक्रोश और निराशा है।

                                 

संतोष द्विवेदी

No comments