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अविवादित वरासत का एक भी मामला पेंडिंग नहीं रहे: कमिश्नर


रिपोर्ट : धीरज सिंह

- *कलेक्ट्रेट सभागार में कोविड-19, वरासत अभियान व धान खरीद की समीक्षा की


- *जिला महिला अस्पताल में सीजर की सुविधा को दुरुस्त करने के दिए निर्देश


बलिया: मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत ने सोमवार को कलेक्टेट सभागार में कोविड-19, वरासत अभियान व धान खरीद की समीक्षा की। कहा जो भी केस मिले उनकी कांटेक्ट ट्रेसिंग पर अभी भी जोर देने को कहा। वरासत अभियान में कम ही सही, पर लम्बित प्रकरण को निस्तारित करने के निर्देश दिए। चिकित्सा सुविधाओं के सम्बन्ध में भी सीएमओ को कड़े निर्देश दिए।

कोविड-19 की स्थिति की जानकारी ली तो बताया गया कि फिलहाल दो एक्टिव केस हैं। इस पर कहा कि जो भी केस मिले उनकी कांटेक्ट ट्रेसिंग पूरी जिम्मेदारी से कर ली जाए। वैक्सिनेशन का प्रतिशत भी बढ़ाने पर जोर दिया। कमिश्नर ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना से सम्बन्धित टेंडर कर लिया जाए। यह ध्यान रहे कि गाड़ियां हर जगह उपलब्ध हो जाए। एएनएम को जरूरी दवाएं, मशीनें दे दी जाए, ताकि चेकअप आदि सुचारू ढ़ंग से कर सकें। जिला महिला चिकित्सालय में सीजर की संख्या कम होने पर कहा कि इसे बढ़ाया जाए। इससे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को काफी राहत मिलेगी। वरासत अभियान की समीक्षा के दौरान कमिश्नर ने साफ कहा कि अगर अभी भी अविवादित वरासत का मामला लम्बित है तो दिक्कतों को दूर करते हुए उसे करा लिया जाए। सभी एसडीएम को प्रमाण पत्र देने से पहले इसे भली-भांति देख लिया जाए।

मंडलायुक्त ने धान खरीद की स्थिति और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की भी समीक्षा की। विपणन अधिकारी को सख्त निर्देश देते हुए कहा, यह सुनिश्चित कराया जाए कि महीने की 20 तारीख तक एफसीआई से खाद्यान्न गोदाम में आ जाए। सम्बन्धित ठेकेदार को इसके लिए सख्त निर्देश ​जारी कर दें। साथ ही समयसीमा के अंतिम तिथि तक उचित दर दुकानदारों के यहां राशन पहुंच जाए। बैठक में जिलाधिकारी ​अदिति सिंह, सीडीओ डॉ विपिन जैन, एडीएम रामआसरे, सीआरओ विवेक श्रीवास्तव, सीएमओ डॉ राजेन्द्र प्रसाद व सभी एसडीएम थे।


लेखपाल कानूनगो स्तर पर लम्बित होने पर जिलाधिकारी सख्त


वरासत अभियान की समीक्षा के दौरान लेखपाल—कानूनगो स्तर पर कुछ मामले अभी भी लम्बित होने पर जिलाधिकारी अदि​ति सिंह ने सवाल किया। कहा, दिसम्बर से यह अभियान चल रहा है। लेकिन अभी भी लम्बित होने से यह स्पष्ट है कि एसडीएम स्तर से मॉनिटरिंग नहीं हुई। सख्त लहजे में कहा कि प्रतिदिन इसकी मॉनिटरिंग करें और शत प्रतिशत मामले निस्तारित कराएं। 


डीसीपीएम पर कार्रवाई के लिए भेजें पत्र


विगत दिनों स्वास्थ्य विभाग में सीएचओ की सेलरी निकालने के लिए डीसीपीएम पर वसूली के लगे आरोप की जांच से सम्बन्धित जानकारी ली। पूछा कि जांच रिपोर्ट में दोषी मिलने के बाद क्या कार्रवाई हुई। कहा कि कार्रवाई के लिए एनएचएम मुख्यालय पर जांच रिपोर्ट के साथ पत्र भिजवाया जाए।

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