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बढ़ती मंहगाई में गेहूं की एमएसपी में 50 रू की बढ़ोत्तरी ऊट के मुंह में जीरा: राम इकबाल सिंह



बेल्थरारोड, बलिया । डीजल, खाद - बीज के दामों में बेहतासा वृद्धि को देखते हुए गेंहू के एमएसपी में 50 रुपये की वृद्धि ऊंट के मुंह में जीरा के बराबर है। यह वृद्धि किसानों के साथ नाइंसाफी है। किसान की खेती पहले से ही घाटे में है,महंगाई  से और घाटे में चली जाएगी।जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल है,वहीं पुलिसिंग में भी सुधार नहीं है ।प्रशासन की करनी से सरकार की छवि पर असर पड़ रहा।उक्त विचार भाजपा के पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह के हैं। पूर्व विधायक नगरा में प्रेस से मुखातिब थे ।

          पूर्व विधायक श्री सिंह कहे कि डीजल 57 रू से बढ़कर 80 रू से उपर है।खाद भी महंगी हो गई है। किसान फसल की सिंचाई के लिए महंगे दामो पर पानी भी खरीद रहा है। किसानों के फसल की लागत को जोड़ दिया जाए तो सरकार द्वारा निर्धारित एमएसपी पर फसल बिकने बाद भी घाटा लग रहा है। कहे कि धान के समय में 80 फीसद किसान अपने धान को बिचौलियों के यहां 1200 से 1400 रू प्रति क्विंटल बेंचे है। कुछ ही किसानों की खरीद धान क्रय केंद्रों पर हुई है। जिन किसानों ने बिचौलियों को अपनी फसल बेची है,उन्हें अभी तक पैसा भी नहीं मिला है।इस बार किसानों के साथ नाइंसाफी न हो, इसको ध्यान में रखते हुए हमलोग शीघ्र ही जिलाधिकारी से मिलेंगे। उन्होंने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर  सवाल खड़ा करते हुए कहा कि किसी भी सीएचसी पीएचसी पर कोई सर्जन तथा विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। चिकित्सको के अभाव में लोग प्राइवेट अस्पतालो में उपचार हेतु भाग रहे है। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ होने तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी। दो बार पद यात्रा हो चुकी है।पुलिसिंग पर सवाल खड़ा करते हुए कहे कि रसड़ा कोतवाली क्षेत्र में 28 नवम्बर 2019 को एक महिला व गड़वार थाना क्षेत्र के एक गांव में एक पखवारे पहले किशोरी से हुई गैंगरेप की घटना में पुलिस आरोपियों को बचाने का प्रयास क्यों कर रही।मै समझ नहीं पा रहा हूं कि आखिर सच्चाई उपर तक क्यो नहीं पहुंच पा रही है। कहे कि 2004 में 18 मार्च को पुलिस के गोलियों के शिकार हुए शहीदों की स्मृति की वरसी की तैयारी बैठक रविवार को डाकबंगला पर आयोजित की गई है। जिसमें कार्यक्रम की रूप रेखा तय की जाएगी।इस मौके पर गीताशरण सिंह,प्रमोद कुमार सिंह,मंडल अध्यक्ष अरविंद नारायण सिंह आदि उपस्थित रहे।

                                 

संतोष द्विवेदी

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