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जाने कहां पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ मुखर हुए लोग


दुबहड़ (बलिया) स्थानीय थाना प्रभारी के उत्पीड़न के खिलाफ उनके स्थानांतरण करने की मांग को लेकर क्षेत्र के शिवपुर दीयर नई बस्ती बेयासी निवासिनी रिंकी सिंह पत्नी स्वर्गीय कामाख्या नारायण सिंह ने बुधवार को अपने आवास पर छात्र नेता अमित राय के साथ आमरण अनशन शुरू किया।  उन्होंने इसकी लिखित सूचना मंगलवार के दिन जिलाधिकारी को देते हुए कहा है कि यदि मेरी मांगे नहीं मानी गई तो मैं जिलाधिकारी कार्यालय के सामने आत्मदाह करूंगी। रिंकी सिंह ने बताया कि शिवपुर दियर नई बस्ती चट्टी पर विश्वकर्मा पासवान की मौत विगत 06 जनवरी को  ट्रक एक्सीडेंट में हो गई थी। उन्होंने यह आरोप लगाया कि जब रात को 9:00 बजे नो एंट्री खुलती है तो दुबहड़ पुलिस द्वारा रात्रि लगभग 8:30 बजे नो एंट्री क्यों खोल दिया। यदि 9:00 बजे के पहले नो एंट्री नहीं खुली होती तो ट्रक एक्सीडेंट में युवक की मौत नहीं हुई होती। मृतक युवक के परिवार को आर्थिक सहायता आदि की मांग को लेकर गांव वासियों ने बेयासी चट्टी पर धरना प्रदर्शन किया। जिसे लेकर पुलिस और पब्लिक में पथराव हुआ। उसके बाद दुबहड़ पुलिस ने देर रात तक विभिन्न गांववासियों के घरों में घुसकर तोड़फोड़ कर तांडव मचाया था। यहां तक कि पुलिस ने महिलाओं को भी नहीं बख्शा था। उन्होंने कहा कि उक्त प्रकरण में पुलिस द्वारा मेरे परिवार एवं गांव वासियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने एवं कार्रवाई होने के बाद भी आज तक पुलिस द्वारा मुझे तथा मेरे परिवार वालों का उत्पीड़न किया जा रहा है। आमरण अनशन का समर्थन गांव की महिलाओं सहित क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक एवं छात्र नेताओं द्वारा किया जा रहा है। 

इस मौके पर राहुल मिश्रा, जय मिश्रा, भुवर यादव, धन्जी यादव, सरिता सिंह समाजसेवी, कलावती यादव, पुष्पा सिंह, नीलम सिंह, ज्ञान्ती ठाकुर, आशा पासवान, अमली कनौजिया, लालती पासवान, लल्लू सिंह, राजन तिवारी, गोपाल तिवारी, उमेश सिंह, बबलू सिंह,  हरेंद्र यादव, शिवा प्रसाद, अजय अंबेडकर, शिवकुमार रश्मि, गुड्डू यादव, मुन्ना यादव, प्रभु पासवान आदि लोग उपस्थित रहे। संचालन समाजवादी युवजन  सभा के नेता धनजी यादव ने किया। 


रिपोर्ट:-नितेश पाठक

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