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कोरोना योद्धा बनकर मरीजों की मदद में जुटे एंबुलेंस कर्मी

 


बलिया : कोरोना की दूसरी लहर में स्वास्थ्य और सफाई कर्मचारियों के अलावा एंबुलेंस कर्मचारी भी कोरोना योद्धा बनकर मुस्तैदी से सेवा में जुटे हुये हैं। एंबुलेंस कर्मचारी सड़क हादसों, गंभीर रोगियों, गर्भवती के साथ कोरोना उपचाराधीन की भी सेवा कर रहे हैं। दिन हो या रात एंबुलेंस कर्मचारी कोरोना पॉज़िटिव को अस्पताल में भर्ती कराने में जुटे हुए है। कोरोना संक्रमण के दौर में अपनी जान की परवाह किए बिना एंबुलेंसकर्मी पूरी तन्मयता से काम में जुटे है।

  जिले के 108 एंबुलेंस सेवा के प्रोग्राम मैनेजर अविनाश चंद्र मिश्र का कहना है कि जैसे ही कंट्रोल रुम से सूचना आती है। एंबुलेंस टीम के सदस्य एंबुलेंस लेकर मौके पर पहुंचकर सेवा देने का काम करते हैं। उन्होंने बताया - जिले में 108 नंबर की 38 एंबुलेंस सेवाएं दे रही हैं, जिनसे जनवरी 2021 में 2800, फरवरी में 2760, मार्च में 2855, अप्रैल में 1259, मई में 1788 लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। इसी तरह गर्भवती के स्वास्थ्य सेवा के लिए संचालित 102 नंबर की 38 एंबुलेंस हैं, जिनसे जनवरी 2021 में 9600, फरवरी में 8861, मार्च में 7990, अप्रैल में 2100 व मई में 1798 गर्भवती को सेवाएं दी है।

प्रोग्राम मैनेजर अविनाश ने बताया - ग्रामीण क्षेत्र में एंबुलेंस सेवा पहुंचने का समय 20 मिनट और शहरी क्षेत्र में 15 मिनट है। जबकि 108 नंबर एंबुलेंस के मौके पर पहुंचने का समय 15 मिनट है। उन्होंने अनुरोध किया कि जिसे भी एंबुलेंस की जरूरत पड़े तो समय रहते ही सूचना दें। कोरोना मरीजों की सेवा में तत्पर कोरोना मामलों में चार एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) में से 02 और 108 नंबर की 38 एंबुलेंस में से 19 एम्बुलेंस केवल कोरोना के काम में तैनात हैं। इनके जरिये मरीजों को वाराणसी, लखनऊ और आज़मगढ़ तक रेफर किया गया है। अविनाश ने बताया - मार्च 2021 में 70, अप्रैल में 398, मई मे 55, कोरोना पॉज़िटिव को एंबुलेंस के माध्यम से जिले के बाहर के अस्पताल में भर्ती कराया गया। 

एंबुलेंस में सुरक्षित प्रसव :-

डिलेवरी एंबुलेंस सेवा के जिला प्रोग्राम मैनेजर ने बताया – विगत सोमवार को गड़वार क्षेत्र के पकडी निवासी मनसा देवी (23) पत्नी मनोज को प्रसव पीड़ा हुई। 102 नंबर पर कॉल मिलने के बाद एंबुलेंस कर्मी इमरजेंसी मेडिकल टेकनीशियन (ईमटी) जगलाल और पायलट निलेश एंबुलेंस लेकर गांव पहुंचे। रास्ते में तेज प्रसव पीड़ा होने पर दोनों स्टाफ ने परिजनों एवं आशा मीना देवी की मदद से एंबुलेंस में ही सुरक्षित कराई। महिला ने लड़के को जन्म दिया। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ है। इससे बाद महिला को जिला अस्पताल लाया गया। इमरजेंसी मेडिकल टेकनीशियन (ईएमटी) विनय, हेल्प डेस्क की मंजू, हेल्प डेस्क अंजनी, मनदीप, सेसनाथ, महादेव आदि ने स्टाफ की सराहना की। सड़क खराब होने के बावजूद मिली स्वास्थ्य सुविधा के बारे में मनसा देवी के पति मनोज ने बताया कि उन्होंने सुबह दस बजे एंबुलेंस के लिए कॉल की थी। उनके गांव जाने की सड़क खराब है, इसके बावजूद 20 मिनट बाद यानी दस बजकर 20 मिनट पर एंबुलेंस आ गई है। यह उनका दूसरा बच्चा है। जच्चा-बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ है। वह एंबुलेंस सेवा और सरकार को धन्यवाद देते हैं। उन्होंने बताया कि एंबुलेंस स्टाफ ने उनसे कहा कि जब वह अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर जाएंगे तो भी उन्हें एंबुलेंस सेवा मुहैया कराई जाएगी जो कि उनके लिए अच्छी बात है।

वहीं सोनबरसा निवासी रमेश के परिजन 108 पर फोन किए रमेश की हालत अचानक खराब थी तत्काल इमरजेंसी सुविधा देते हुए उनको जिला अस्पताल एवं उसके बाद डॉक्टरों द्वारा रेफर करने पर एडवांस मेडिकल सपोर्ट (एएलएस) के टेक्नीशियन महेंद्र और पायलट महादेव द्वारा उनकी चिकित्सकीय देखरेख करते हुए समय पर बीएचयू मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया एवं भर्ती कराया गया।

यहाँ करे फ़ोन:-

 किसी को भी एम्बुलेंस सेवा में कोई परेशानी आती है तो वह हमारी टीम के मो. मिबिन अहमद 7235008788, मो. अली राज 7235007653  पर किसी समय अपनी शिकायत और आवश्यकता होने पर बात कर सकते हैं।



रिपोर्ट : धीरज सिंह

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