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जाने कहाँ न्याय के लिए कटान पीड़ित ने लगाई गुहार, आत्मदाह को चेताया

 


बैरिया ।  योगी राज में पुलिस का एकबाल खत्म हो गया है। बड़े बड़े अधिकारी न्याय के पक्ष में आदेश तो करते हैं लेकिन थाना स्तर पर उन आदेशों को या तो पीड़ित के सामने ही फेंक दिया जाता है या उन्हे रद्दी के टोकरी में डाल दिया जाता है। ऐसे मे पीड़ित या तो थक-हार कर घर बैठ जाता है या फिर धैर्यहीन होकर झगड़ा फसाद कर मुजरिम बन जाता है। लेकिन इस मामले में पुलिस मदद करने के बजाय पीड़ित को मार पीट करने की सलाह दे रही है।

हल्दी थाना क्षेत्र के चौबे छपरा(रामगढ़) निवासी रविन्द्र मिश्र की; जिनका मकान अगस्त 2016 में गंगा के कटान में विलिन हो गया। बसने के लिए 2017 में उन्होंने मौजा बलिहार में 45 डिस्मिल जमिन अपनी पत्नी जानकी मिश्रा और भाभी माधुरी मिश्रा के नाम बैनामा लिया। जमीन पर नाम चढ़ गया। जब मौके पर उनका निर्माण होने लगा तो अगल बगल के लोगो ने विवाद किया। जिसको लेकर कई बार तहसीलदार व राजस्वकर्मियों की टीम ने पैमाइस किया। मौके पर सभी पक्षों की जमीन पूरी पायी पाई गयी। फिर भी भू माफिया,अपराधिक किस्म के कुछ दबंग उक्त जमीन पर विवाद पैदा कर रहे है।


 जमीन पर अब बैरिया तहसील स्तर से कोई विवाद नही है और ना ही कोई वाद लम्बित है। फिर भी दबंग पीड़ित को जमीन पर निर्माण नहीं करने दे रहे है। इस सन्दर्भ में तहसीलदार बैरिया पण्डित शिवसागर दूबे ने कई लिखित व दूरभाष पर आदेश हल्दी पुलिस को  दिया। लेकिन उन आदेशो को पुलिस ने एक बार पलट कर देखना भी उचित नही समझा।वही हल्दी थाने की चौकी रामगढ़ के इचार्ज बिरेन्द्र दूबे से जब पूछा गया तो मदद व अधिकारियो के आदेश के अनुपालन के बजाय उन्होने रविन्द्र मिश्र को अपने विपक्षियो को पीटने की सलाह दे डाली। अब परेशान पीड़ित रविन्द्र मिश्र ने बताया है कि एक सप्ताह के भीतर  मुझे कब्जा नही दिलाया गया तो मैं तहसील परिसर में अपने परिवार के साथ आत्मदाह करूँगा।


डेस्क


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