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विश्व जनसंख्या दिवस पर निकाली गई जन जागरूकता रैली एवं प्रचार वाहन आयोजित हुई गोष्ठी

 



रिपोर्ट : धीरज सिंह


बलिया । विश्व जनसंख्या दिवस पर जिला महिला चिकित्सालय से मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ० राजेंद्र प्रसाद एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका डॉ० सुमिता सिन्हा द्वारा हरी झंडी दिखाकर जन जागरूकता रैली एवं प्रचार वाहन को रवाना किया गया, रैली के उपरांत मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय स्थित सभागार मे गोष्ठी का आयोजन किया गया । गोष्ठी में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ०राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि विश्व में बढ़ती जनसंख्या के दृष्टिगत जन समुदाय को परिवार नियोजन की सेवाओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है । इस दिवस को यूएनडीपी द्वारा 1989 में प्रथम बार मनाया गया था ।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि इस दिवस पर परिवार नियोजन के प्रति जागरूक किया जाता है । कम समय में गर्भ धारण करने से महिला के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। यह मातृ और शिशु मृत्यु दर का प्रमुख कारण भी है। उन्होंने बताया कि जनसंख्या स्थिरता पखवारा 11 जुलाई से शुरू किया गया है जो 24 जुलाई तक मनाया जाएगा। इस दौरान शहर एवं ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों पर अंतरा, छाया, कंडोम, माला एन, पीपीआईंयूसीडी, इंटरवल आयूसीडी की सेवाएं प्रदान की जाएंगी। पखवाड़े के दौरान जनसाधारण का संवेदीकरण किये जाने के लिए विभिन्न स्तरों पर व्यापक व सघन प्रचार-प्रसार करना है। विभिन्न प्रचार-प्रसार साधनों के माध्यम से उचित उम्र पर विवाह, बच्चों के जन्म में अंतर रखने, प्रसव पश्चात परिवार नियोजन की सेवाएँ, परिवार नियोजन में पुरुषों की भागीदारी, गर्भ समापन पश्चात परिवार नियोजन की सेवाओं के संदर्भ में व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ०हरिनंदन प्रसाद ने कहा कि जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए सामाजिक जागरूकता अत्यन्त आवश्यक है। आम जनमानस में बेटा एवं बेटी में किए जाने वाले भेदभाव की मानसिकता के कारण भी जनसंख्या वृद्धि को बल मिलता है। वर्तमान समय में बेटियों को बेटों से कम न समझा जाय,बेटियां भी हर क्षेत्र में परचम लहरा रही हैं।लड़कियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के साथ इनकी शादी सही उम्र में की जानी चाहिए। परिवार कल्याण कार्यक्रम के प्रति आशाएं लक्ष्य दंपति को जागरूक करें तथा उनकी इच्छा के अनुसार सेवाएं उपलब्ध कराने में सहयोग करें।

 जिला कार्यक्रम प्रबंधक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ०आर बी यादव ने कहा कि मिशन परिवार विकास का मुख्य उद्देश्य है गुणवत्तापूर्वक परिवार नियोजन विकल्पों के लिए सूचना, सेवाएँ, आपूर्ति तक अधिकार आधारित प्रणाली द्वारा पहुँच बढ़ाना। बलिया जिले को मिशन परिवार विकास में शामिल किया गया है। जिले में पुरुष नसबंदी के लिए लाभार्थी को 3000 रुपये प्रतिपूर्ति राशि दी जाती है। महिला नसबंदी के लिए लाभार्थी को 2000 रुपये प्रतिपूर्ति राशि दी जाती है। वही प्रसव के पश्चात नसबंदी के लिए महिला लाभार्थी को 3000 रुपये दिए जाते हैं। अस्थाई विधियो में प्रसव पश्चात आईयूसीडी एवं गर्भपात उपरांत आईयूसीडी जिसको सरल भाषा मे कॉपर-टी कहा जाता है। उसके लिए लाभार्थी को 300 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।

इस अवसर पर जिला फैमिली प्लानिंग लॉजिस्टिक मैनेजर श्री उपेंद्र चौहान,अर्बन डाटा कम एकाउंट असिस्टेंट निलेश वर्मा, फैमिली प्लानिंग काउंसलर खुशबू सिंह आदि उपस्थित थे।

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