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पुलिस व प्रशासन की मेहरबानी से बालू तस्करो की कट रही चांदी, तीन हजार रुपये में एक महीने की वैलडीटी

 



रिपोर्ट : धीरज सिंह


बलिया । द्वाबा का इलाका इन दिनों लाल बालू की तस्करी के लिए मशहूर हो चुका है। पुलिस व प्रशासन की मेहरबानी से बालू तस्करो खुलेआम सड़क से लेकर नदियों के रास्ते बिहार से लाल बालू की तस्करी को अंजाम दे रहे हैं। लाल बालू समेत विभिन्न तरह की तस्करी के लिए दोकटी व बैरिया थाना क्षेत्र के गंगा घाट माफियाओं के लिए महफूज रास्ता बना हुआ है।दोकटी,बैरिया व हल्दी थाने के गंगा नदी के रास्ते धड़ल्ले से लाल बालू की तस्करी की जा रही है।आलम यह है कि बैरिया विधानसभा के लालगंज,दोकटी,नौरंगा,रामगढ़, पचरूखिया आदि गंगा घाटों पर नाव से अवैध लाल बालू को तस्करी करके लाया जाता है,और यहां से ट्रकों,ट्रैक्टर-ट्रॉलीयों पर लादकर जनपद के विभिन्न बाजारों के अलावा पड़ोसी जिले मऊ तथा आजमगढ़ तक भेजा जा रहा। बताया जाता है कि लालगंज के पास ही जानकी बाजार में लाल बालू को डम्प किया जाता है जो बिहार प्रांत का क्षेत्र है और महज कच्ची पगडंडी ही सीमा तय करती है,इसका लाभ लाल बालू के तस्कर खूब उठाते हैं।सूत्रों की मानें इन दिनों लालगंज के पास सती घाट,शिवपुर,पचरूखिया आदि घाटों पर दिन और रात नाव से लाल बालू ला कर ट्रैक्टरों के जरिए घंटों से ट्रैक्टर-ट्रोलीयों से रात भर सड़क मार्गों से बैरिया जगह-जगह डम्प कर दिया जाता है।



फिर इसे विभिन्न बाजारों तक पहुंचाया जाता है।और ये सारा कारोबार की प्रशासन की जानकारी मे होता है।यही कारण है कि संबंधित विभाग संज्ञान में लेने के बाद भी कार्रवाई नहीं करता।लोगों की मानें तो यह सारा खेल पुलिस की मिलीभगत से हो रहा।मोटी कमाई के कारण इस अवैध कारोबार को बंद कराने का प्रयास पुलिस नहीं कर रही है।जिससे माफिया भी बेखौफ हैं।शाम ढलते ही दोकटी,बैरिया,हल्दी थाना क्षेत्र में बालू माफिया सक्रिय हो जाते हैं और बिहार से बड़ी-बड़ी नावों में लाल बालू यूपी की सीमा में गिरा देते हैं।वहीं स्थानीय लोंगो का कहना है कि स्थानीय किसान अपने निजी कार्यों के लिए बालू मंगाते है जबकि पुलिस बालू माफियाओं को संरक्षण देकर पूरे कारोबार का संचालन करा रही है।




तीन हजार रुपया जमा करने पर नही होता है रोक टोक


नाम नही छापने की शर्त पर एक ट्रैक्टर चालक ने बताया कि हम लोग से बैरिया पुलिस चौकी पर चौकी द्वारा तीन हजार रुपया जमा कराने पर एक महीने बालू लदी ट्रैक्टर आनेजाने पर कोई रोक टोक नही होता है। कहा कि पैसा जमा नही करोगे तो ट्रैक्टर नही चलने दिया जाएगा।


ट्रकों व ट्रेक्टरों को पकड़कर कर लेते है कोरम पूरा

 

गंगा नदी के रास्ते नाव से अवैध लाल बालू आने का सिलसिला काफी लम्बे समय से चला आ रहा हैं।कभी-कभार स्थानीय तहसील प्रशासन,पुलिस व खनन विभाग द्वारा कुछ ट्रकों व ट्रेक्टरों को पकड़कर अपना कोरम पुरा कर लेते है,बाकी यह कारोबार लगातार चलता रहता हैं।वहीं कभी-कभार की कारवाई कर पुलिस-प्रशासन अपनी पीठ अपने थपथपाने में आगे रहती है।


बोले उपजिलाधिकारी नही होने देंगे अवैध लालबालू का कारोबार



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