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मॉ के दरबार में आते ही निराश हो चुके विपिन को मिला नया जीवन



बलिया। फेफना थना क्षेत्र अंतर्गत पकड़ी गांव स्थित कालीधाम में अटूट श्रद्धा रखने वाले विपिन शार्मा की कहानी तो वाकई चिकित्सा विज्ञान को कटघरे में खड़ा करने वाली है। सरया गांव निवासी विपिन करीब छह वर्ष सर्वाइकल की बीमारी से ग्रसित हुए। जिससे उनकी स्पाइनल की हड्डी बढ़ गई और नस को दबाने लगी। इसके कारण वह चलने फिरने में असमर्थ हो गये। हालांकि शुरुआती दिनों में उन्होंने इसका काफी इलाज कराया। इसके लिए मऊ, आजमगढ़ से लगायत बीएचयू तक के डाक्टरों के यहां चक्कर लगाया,लेकिन कोई राहत नहीं मिलीं। बद में डाक्टरों ने आपरेशन कराने की सलाह दी। तो विपिन आपरेशन पर भी राजी हो गए और चिकित्सकों ने उनकी बीमारी के निदान के लिए समूचे शरीर में चार जगह आपरेशन किया। फिर भी कोई राहत नहीं मिलीं।



इससे वह काफी हताश हो गए थे। इसी दौरान उनके गांव के एक तिवारी जी ने उन्हें पकड़ी धाम स्थित काली मंदिर में मत्था टेकने और मां के दरबार में अपनी अर्जी लगाने की सलाह दी। इसके बाद वह तिवारी जी के साथ पकड़ी धाम पहुंचे और मॉ के दरबार में हाजिरी लगाई तथा मंदिर के पुजारी और मॉ के अन्नय भक्त रामबदन भगत से अपना दुखड़ा सुनाया। पुजारी ने विपिन को कुछ औषधियों और जड़ी-बूटी दी और उनके नियमित सेवन की बात कही। इसके बाद तो मानों चमत्कार हुआ और जिस बीमारी को डाक्टर आपरेशन करके भी ठीक नहीं कर पाए, वह मॉ के प्रसाद और राम बदन भगत द्वारा दी गई जड़ी-बूटियों के प्रभाव से ठीक हो गई।






डेस्क

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