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जानें कहां संत प्रवर श्री विज्ञान देव जी महाराज ने किया भूमि पूजन



रतसर (बलिया):दिव्य स्थल जहाँ कभी स्वयं विहंगम योग के प्रणेता ने योग साधना का अभ्यास किया था। जो सद्गुरुदेव के साधना का साक्षी रहा है। जहाँ बाल्यकाल से ही सद्गुरुदेव ने विहंगम योग की साधना की थी। जिस स्थान पर सद्गुरु सदाफल देव के आध्यात्मिक गुरु सुकृत देव जी कई बार स्वयं प्रकट होकर दर्शन दिए थे।


 भारतीय स्वाधीनता संग्राम के पुरोधा सद्गुरु सदाफल देव जी महाराज के आध्यात्मिक साधना का प्रथम केंद्र वृत्तिकूट आश्रम उनके जन्म स्थान पकड़ी ग्राम के समीप स्थित है। इसी आश्रम के समीप खारी नामक ग्राम में एक और दिव्य स्थल है जहाँ नित्य अनादि सद्गुरु सुकृत देव जी महर्षि सदाफल देव जी के रूप में प्रकट होकर लोगों को उस समय उपदेश किये थे जव वे वृत्तिकूट की गुफा में छः मास के गुहा अनुष्ठान में रत थे।  ये दिव्य स्थल अपने गर्भ में सद्गुरु देव के जीवन से सम्बंधित अनेकानेक दिव्य स्मृतियाँ संजोये हुए हैं।  

विहंगम योग के गुरु परम्परा की अनेकानेक दिव्य स्मृतियाँ इन आश्रमों पर स्थित हैं, जिसको दिव्यता और भव्यता से सजाने- संवारने का कार्य सुपूज्य संत प्रवर श्री विज्ञान देव जी महाराज के पावन संरक्षण व कुशल निर्देशन में द्रुत गति से चल रहा है।     

बुद्धवार को सुपूज्य संत प्रवर श्री के पावन सानिध्य में वृत्तिकूत आश्रम की गुफा के सामने स्थित प्रश्नोत्तरी वेदी- जहाँ कभी स्वयं विहंगम योग के प्रणेता आसीन होकर आगत जिज्ञासुओं की जिज्ञासा का समाधान करते थे तथा ब्रह्मकूप- जिस कूप के जल से स्वयं सदगुरुदेव स्नान किया करते थे या जिस दिव्य जल का वे पान किया करते थे। साथ ही नित्य अनादि सद्गुरु प्राकट्य स्थल खारी धाम को सजाने- संवारने के निमित्त भूमि पूजन किया गया।

बताते चलें कि यह दिव्य स्थल भारतीय प्राचीन स्थापत्य कला का एक नमूना होगा। जिसमें 40 फिट अन्दर पाइलिंग  कर लगभग 45 स्तूप बनाये जा रहे हैं और सभी स्तूपों को राफ्टिंग कर एक साथ बांध दिया जायेगा और बोल्डर पत्थरों से इसकी नीव को भरा जयेगा। जिससे इसकी नींव बहुत ही मजबूत होगी।  इसकी दीवारों को ईंट और सरिया से नहीं अपितु  पत्थरों से बनाया जायेगा। इसकी छत को इन्हीं पत्थरों द्वारा मंदिर आकर दिया जाएगा और इस पूरे मंदिर में उन पत्थरों का प्रयोग किया जाएगा जो मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के दिव्य धाम अयोध्या नगरी में निर्माणाधीन राम मंदिर में प्रयुक्त हो रहा है। 

इस प्रकार उच्च कोटि के गुलाबी सैंड स्टोन से सुसज्जित दिव्य मंदिर वृत्तिकूट आश्रम  एवं खारी धाम में प्रस्तावित है। जिसका निर्बाध- निर्माण कार्य भूमि पूजन के साथ प्रारंभ कर दिया गया है। विहंगम योग के अनुयायी भक्त शिष्यों के लिए तो यह दिव्य साधना स्थली है ही साथ ही सदगुरुदेव की यह दिव्य तपो भूमि पर्यटकों के लिए भी मानसिक शांति व आध्यात्मिक ऊर्जा के जागरण का केंद्र होगा।   

इस अवसर पर महाराज श्री के साथ आश्रम प्रबंधक धर्मेन्द्र देव, आर्किटेक्ट देवदत्त त्रिवेदी (अहमदाबाद), धर्मेश भाई, धर्मेन्द्र सिंह (इंजीनियर यू.एस.ए), संजय पांडा, पवन सिंह, हरीश भाई, कमल भाई सहित सैकड़ों आश्रमवासी उपस्थित थे।

रिपोर्ट : धनेश पाण्डेय

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