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सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान चरम पर


 

- दो दिन में मिले 19 नये मरीज और 255 लोगों के बलगम की हुई जांच 

बलिया, 11 मार्च 2022

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ आनंद कुमार ने बताया कि जिले में राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 9 मार्च से  22 मार्च तक चलेगा। इस अभियान के तहत दो दिन में  टीबी के 19 नये मरीज खोजे गए और इलाज शुरू किया गया। इस अभियान के तहत दो दिन में  26105 घरों में 255 लोगों के बलगम की जाँच की गयी जिसमें टीबी के 19 नये मरीज मिले। अभियान के लिए 271 टीमों को लगाया गया है। 

उन्होंने बताया कि  टीम द्वारा घर-घर जाकर  टीबी के लक्षणों के आधार पर मरीजों को खोजा जा रहा है। अभियान के दौरान टीबी के प्रति लोगों में जागरूकता देखने को मिली। जनपद को टीबी से मुक्त कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरे प्रयासों से जुटा हुआ है।

उन्होंने बताया कि यदि टीबी की पहचान शुरुआती दिनों में हो जाए तो मरीज छह माह के लगातार इलाज से ठीक हो जाता है। टीबी का इलाज अधूरा छोड़ने पर बढ़ जाता है और कुछ समय बाद यह मल्टीड्रग रेजिस्टेंट (एमडीआर) टीबी के रूप में सामने आता है जोकि  खतरनाक है।  टीबी के मरीज ड्रग रेजिस्टेंट न हों इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और जिला टीबी नियंत्रण इकाई की ओर से मरीजों का नियमित फॉलोअप किया जाता है। वहीं टीबी के मरीज को पौष्टिक आहार मिल सके, इसके लिए उन्हें प्रतिमाह निक्षय पोषण योजना के तहत 500 रुपये पोषण भत्ते के रूप में सीधे मरीज के खाते में भेजे जाते हैं।

क्या होता है क्षय रोग:-

जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि दो सप्ताह या अधिक समय तक खांसी आना, खांसी के साथ बलगम आना, बलगम में कभी-कभी खून आना, सीने में दर्द होना, शाम को हल्का बुखार आना, वजन कम होना और भूख न लगना टीबी के सामान्य लक्षण हैं।


रिपोर्ट त्रयंबक नारायण देव गांधी

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