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पत्रकारिता सत्य व संकल्प की इमारत होती है:वीरेंद्र सिंह मस्त


 





बलिया। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश जिला इकाई बलिया के तत्वावधान में सोमवार को स्थानीय टाउन हाल के सभागार में हिंदी पत्रकारिता दिवस समारोह के अवसर पर वर्तमान परिवेश में हिंदी पत्रकारिता व चुनौतियां विषयक गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त,ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ कुमार जी,पूर्व मंत्री  उपेंद्र तिवारी,जिला संयोजक हरिनारायण उर्फ रणजीत मिश्रा,विशिष्ट अतिथि आदर्श नगर पालिका रसड़ा के कार्यवाहक अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सोनी आदि अतिथियों के द्वारा संयुक्त रूप से मां सरस्वती के चित्र पर माल्यर्पण कर व उनके समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। ततपश्चात पत्रकारों व विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट मानव सेवा का अवदान देने वाले लोंगो का सम्मान मुख्य अतिथि,विशिष्ट अतिथि पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी,व संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जी व जिलाध्यक्ष शशिकांत मिश्रा के द्वारा अंग वस्त्रम माल्यार्पण अन्य भेंट देकर उनका भाव पूर्ण सम्मान किया गया।मुख्य अतिथि सांसद वीरेन्द्र सिंह मस्त ने अपने सम्बोधन में कहा की हिंदी पत्रकारिता सत्य व संकल्प पर आधारित इमारत है। पत्रकारिता लोकतंत्र का  अटूट हिस्सा है। जो लोकतंत्र के स्तंभ कार्यपालिका, व्यवस्थापिका व न्यायपालिका के बीच संतुलन स्थापित करने वाली पत्रकारिता को भी लोकतंत्र का चौथा स्तंभ  माना जाता है। ऐसे में हिंदी पत्रकारिता के सामने चुनौतियों का होना स्वाभाविक है। हिंदी पत्रकारिता का इतिहास काफी स्वर्णिम है। हमारे देश का इतिहास हजारों वर्ष प्राचीन है। जिसके पुराणों में आकाशवाणी की बात लिखी है। उसका नकल करके दुनिया के लोग रेडियो व इलेक्ट्रॉनिक संचार व्यवस्था को लोक सुलभ किया। जो भी चुनौतियां पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं। उसका मूल कारण बाजार वाद है। हमें इस बाजार वाद के भस्मा सुर को मिटाने के लिए जनजागरण को बढ़ावा देना होगा। क्योंकि यह बाजार वाद हमारी संस्कृति, सामाजिक सरोकारों को भी प्रदूषित कर रहा है। कहा कि हमारा देश पूरे विश्व को अपना घर मानता है। किंतु बाजार वाद के कारण चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। कहा कि हिंदी पत्रकारिता ही सही मायने में जबाब देह है। क्योंकि इसी को आज भी लोग सच मानते हैं। उन्होंने हिंदी पत्रकारिता को चुनौती के साथ लेकर चलने की बात कहते हुए कहा कि सच का पूरक हिंदी पत्रकारिता को चुनौती से अलग नहीं समझा जा सकता है। उन्होंने अपने निधि से पत्रकार भवन बनाये जाने की घोषणा की। 

विशिष्ट अतिथि पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी कहा कि पत्रकारिता के माध्यम से ही समाज का भला हो सकता है। यदि पत्रकारिता नहीं होती तो शायद मैं भी आपके बीच एक लोकसेवक के रूप में नहीं होता। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की चुनौतियों में हम सभी को साथ देना चाहिए। और हम हमेशा आपके साथ खड़ा रहूंगा। 

जननायक चन्द्रशेखर विश्विद्यालय की कुलपति कल्पलता पाण्डेय ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता समाज को सह दिशा देने की साथ भारतीय संस्कृति की रक्षा में अहम योगदान अंकित करता है। इस लिए पत्रकारों को  भी हमेशा नए,रुचिकर और समाज की पीड़ा से लेकर समाचार प्रेषित करना चाहिए। हिंदी पत्रकारिता से ही देश व समाज को नयी दिशा दिया जा सकता था। अपर पुलिस अधीक्षक दुर्गा प्रसाद तिवारी ने कहा कि पत्रकारिता के माध्यम से ही समाज व शासन प्रशासन को सही दिशा दी जा सकती है। पत्रकारिता पुलिस विभाग का नाक व कान है। इसको इनकार नहीं किया जा सकता है। कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रदेश अध्यक्ष ग्रापए सौरभ कुमार जी ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता के विकास में हमारे संगठन का काफी योगदान रहा है। जो बाजारीकरण के बाद भी संगठन की एकता के बल पर निर्भीक पत्रकारिता को हमेशा ताकत देता रहा है। नतीजा है कि संरक्षा व संगठन के बल पर ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन प्रदेश के 75 जनपदों में सबसे अधिक संख्या वाले संगठन के रूप में अपना कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। कार्यक्रम में सभी अतिथियों, पत्रकारों को अंगवस्त्र, माल्यर्पण, स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर भोला प्रसाद आग्नेय, जितेंद्र सिंह, वंश बहादुर सिंह डॉ सिद्धार्थ मणि दुबे,परम हंस सिंह, मनोज कुमार सिंह,सुशील पाण्डेय कान्ह जी,अवध बिहारी चौबे,ब्लाक प्रमुख कन्हैया सिंह, शिव कुमार कौशिकेय आदि ने विचार व्यक्त किए।  संचालन ग्रापए के जिला संरक्षक हरिनारायण मिश्रा रणजीत व सभी का आभार जिला संरक्षक ओंकार नाथ सिंह ने किया।

रिपोर्ट-धनेश पांडेय

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