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भगवान श्री कृष्ण के बाल स्वरूप का ध्यान करने से समस्त पापों का नाश होता है : जीयर स्वामी

 



दुबहर:- भृगु क्षेत्र बलिया में जनेश्वर मिश्रा सेतु एप्रोच मार्ग के निकट हो रहे चातुर्मास व्रत में भारत के महान मनीषी संत त्रिदंडी स्वामी जी महाराज के कृपा पात्र शिष्य श्री जीयर स्वामी जी महाराज ने शुक्रवार की देर शाम  प्रवचन करते हुए कहा कि भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप का ध्यान करने से समस्त पापों का नाश हो जाता है। पूरे ब्रह्मांड में सभी देवता गण भी कृष्ण के बाल स्वरूप का ध्यान लगाकर भजन करते रहते हैं। पूरे ब्रह्मांड में कृष्ण के बाल स्वरूप का सबसे बड़ा महत्व बताया गया है।पुराणों में यहां तक कहा गया है कि कृष्ण के बाल स्वरूप का ध्यान करते हुए और इनके बाल लीला को सुनने से सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है, तथा जीवन की सारी परेशानियां समाप्त हो जाती है। श्री कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर भृगु क्षेत्र बलिया में यज्ञ स्थल पर श्री जीयर स्वामी जी महाराज के सानिध्य में भव्य तरीके से कृष्ण जन्मोंत्सव मनाया गया। जिसमें हजारों की संख्या में महिला पुरुषों ने हिस्सा लिया। स्वामी जी महाराज ने बताया कि बड़े सौभाग्य की बात होती है तो ऐसे ऐसे बड़े महोत्सव में जुटने का सौभाग्य प्राप्त होता है। जहां भी कृष्ण के बाल स्वरूप का वर्णन होता हो और उसका थोड़ा सा भी अंश किसी के कानों के माध्यम से अंतरात्मा में प्रवेश कर जाए तो समझो उसका जीवन धन्य हो गया। महाभारत काल में धर्म की रक्षा तथा दुष्टों के बिनाश के लिए भगवान श्री कृष्ण ने स्वयं अवतार लेकर पूरे धरती पर धर्म को स्थापित किया। स्वामी जी महाराज ने बताया कि कहीं भी,चाहे जिस हालत में रहें अगर भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप का ध्यान करते हैं भजन करते हैं, या उनके चरणों में अपने आप को समर्पित कर देने से जीवन के मोह माया से मुक्ति मिल सकती है।और जो भगवान श्री कृष्ण को अपना आराध्य देव मानकर जीवन भर उनकी भक्ति कर लिया उसे मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है।भगवान श्री कृष्ण के बाल लीला का जितना बार भी श्रवण किया जाए उसे जी नहीं भरने वाला है। प्रत्येक बार कुछ न कुछ नया तरीके से आनंद आना शुरू हो जाता है।इस मौके पर यज्ञ समिति की तरफ से भव्य तरीके से  कृष्ण जन्मोत्सव के बाद भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें बिहार, झारखंड ,उत्तर प्रदेश आदि जगहों से काफी संख्या में भक्तों ने हिस्सा लिया।



रिपोर्ट:- नितेश पाठक

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