ईश्वर की आराधना से हर मनोकामना की पूर्ति सम्भव - स्वामी हरिहरानन्द
बैरिया, बलिया । ईश्वर की आराधना से व्यक्ति अपने हर मनोकामनाओं की पूर्ति कर सकता है । व्यक्ति को अपने उम्र के साथ ईश्वर की आराधना में भी वृद्धि करना जरूरी है ।
उक्त आध्यात्मिक प्रवचन सन्त स्वामी श्री हरिहरानंद जी महाराज के है जो बृहस्पतिवार की देर शाम ग्राम कर्णछपरा में श्री ठकुरी बाबा मठ पर उपस्थित श्रद्धालुओं को सम्बोधित कर रहे थे । उन्होंने कहा कि कलियुग में भगवन्नाम संकीर्तन से बड़ा कोई अनुष्ठान नहीं है । प्रत्येक व्यक्ति को चाहिए कि वह प्रतिदिन अपने उम्र के हिसाब से भगवान का भजन जरूर करें ।
स्वामीजी ने कहा कि ईश्वर की कृपा से मिले एक दिन और रात में कुल 24 घण्टे होता है अतः उसका 10 प्रतिशत हमे ईश्वर की आराधना में लगाना चाहिये । उन्होंने कहा कि 50 वर्ष के निचे वाले उम्र के व्यक्ति को कम से कम 2.5 घण्टे और इससे ऊपर के उम्र वाले व्यक्तियों को 5 घण्टे भजन करने चाहिये । श्री हरिहरानन्द जी ने कहा कि संत समाज के व्यक्ति तथा विदुर महिलाओं को प्रतिदिन 8 घण्टे भजन करना अनिवार्य है । उन्होंने रामायण और महाभारत में वर्णित कई आध्यात्मिक कथाओं का जिक्र करते हुये कहा कि व्यक्ति अपने जीवन में अर्जित सभी धन-संपदाओं को यही छोड़ सिर्फ ईश्वर आराधना और परोपकार के पुण्य को ही अपने साथ ले जा सकता है । उन्होंने कहा कि कर्णछपरा सहित द्वाबा के कई गांवों में चल रहे शास्वतखण्ड संकीर्तन को पुनः नई ऊर्जा के साथ चालू करना जरूरी है । ऐसे अनुष्ठान न सिर्फ व्यक्ति और उसके परिवार के लिए लाभदायक है अपितु देश व समाज पर आने वाले संकटों को भी दूर करते है । संकीर्तन की सहज और सरल विधि पर प्रकाश डालते हुये स्वामीजी ने कहा कि प्रत्येक गांवों में मात्र 120 व्यक्ति जिसमें बच्चे , बूढ़े और महिलाएं भी शामिल होगी मिलकर शास्वतखण्ड संकीर्तन का आयोजन कर सकते है । स्वामी जी ने जोर देकर कहा कि अपने बच्चों में भी बचपन से ही भजन-कीर्तन का संस्कार डाले ।
इस अवसर पर स्वामी जी के शिष्य विभु चयन्त उर्फ बीरेंद्र बाबा , रामाधार सिंह, राजू सिंह,हरेराम सिंह,विनोद सिंह, संतोष सोनी,बबलू सिंह, शैलेश सिंह,गोपाल यादव,छन्नू पांडेय, सतीश सिंह, धनन्जय सिंह,रामाशंकर यादव, पूर्व प्रधान संजय सिंह चौहान सहित सैकड़ो की संख्या में महिला और पुरूष श्रद्धालु उपस्थित रहे ।
By- Dhiraj Singh


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