सन 1965 में नगर पंचायत रेवती में शुभारंभ हुआ दशहरा मेला
रेवती, (बलिया) नगर पंचायत रेवती में मां दुर्गा की प्रथम प्रतिमा रखे जाने की शुरूआत बड़ी बाजार पोखरा स्थित शिवाला पर हुई। बताते है कि सन 1964 में रेवती कस्बा से युवकों का समूह सहतवार नगर पंचायत में दशहरा मेला देखने गया था। इसी दौरान किसी बात को लेकर युवकों की सहतवार दुर्गा पूजा समिति के सदस्यों से मारपीट हो गई। युवक लौट कर रेवती आए और तत्कालीन चेयरमैन स्व. डॉ. रामानंद शर्मा से उक्त घटना की चर्चा की। इसके बाद डॉ. रामानंद शर्मा ने स्व. बैजनाथ कांदू ,स्व. लछमण केशरी आदि की बैठक कर बड़ी बाजार शिवाला पर सन 65 में मां दुर्गा की प्रतिमा रखे जाने का शुभारंभ किया। उसके बाद से नगर में दशहरा मेला का की परंपरा शुरू हुई। इसके बाद गुदरी बाजार में स्व. दयानंद केशरी, कमला प्रसाद केशरी, श्रीकिशन गुप्ता, मोतीलाल केशरी आदि द्वारा दूसरी प्रतिमा रखे जाना सुनिश्चित किया। तत्पश्चात दत मठिया बाजार, दत्तहा त्रिमुहानी आदि में प्रतिमाओं की नगर में संख्या 25 हो गई।
मेला की शुरुआत सप्तमी से होती है। किन्तु अष्टमी,नवमी, दशमी को सर्वाधिक भीड़ होती है। जिसको नियंत्रित करने के लिए पूजा कमेटी के सदस्यों व पुलिस प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। बलिया, रसड़ा के बाद पूरे जिले में रेवती के दशहरा मेला की चर्चा रहतीं हैं।
पुनीत केशरी


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