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साहित्यकारों के साथ सनबीम स्कूल बलिया में मनाया गया विश्व हिंदी दिवस




बलिया : विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में शनिवार, 10 जनवरी को सनबीम स्कूल, अगरसंडा के प्रांगण में एक गरिमामयी साहित्यिक संगोष्ठी एवं व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त साहित्यकार डॉ. (प्रोफेसर) महेश दिवाकर (डी.लिट्.) उपस्थित रहे।



कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि डॉ. महेश दिवाकर, विशिष्ट अतिथि डॉ. गणेश पाठक और कार्यक्रम संयोजक श्री  राजेश कुमार सिंह 'श्रेयस' (अध्यक्ष, युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच, यूपी) के आगमन के साथ हुई। विद्यालय प्रबंधन  के सचिव श्रीवत्स सिंह, निदेशक डॉ कुंवर अरुण सिंह तथा प्रधानाचार्या डॉ अर्पिता सिंह द्वारा अतिथियों को स्मृति चिह्न और शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।



विद्यालय निदेशक डॉ कुंवर अरुण सिंह ने अपने सम्बोधन द्वारा अतिथियों का स्वागत किया और विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि डॉक्टर महेश दिवाकर का सानिध्य प्राप्त होना आप सभी के लिए एक सुनहरा अवसर है। उनकी विद्वता और अनुभव से आप यह सीख सकेंगे कि हिंदी कैसे आज वैश्विक मंच पर अपनी पहचान सशक्त कर रही है। मैं आशा करता हूँ कि आज का यह संवाद आप सभी के भीतर अपनी मातृभाषा और साहित्य के प्रति एक नई चेतना जागृत करेगा।


कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. महेश दिवाकर ने *हिंदी साहित्य का वैराट्य* विषय पर छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और पहचान का आधार है। उन्होंने वैश्विक पटल पर हिंदी के बढ़ते प्रभाव और साहित्य के माध्यम से समाज में आने वाले बदलावों पर विस्तार से प्रकाश डाला और विद्यार्थियों को लिखने के लिए प्रेरित करते हुए विविध विधाओं के विषय में विस्तार से समझाया।


विशिष्ट अतिथि डॉ. गणेश पाठक और राजेश कुमार सिंह 'श्रेयस' ने भी  विद्यार्थियों से अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों ने सभी साहित्यकारों से अपने मन में उमड़ रहे अनेकों प्रश्न पूछ अपनी जिज्ञासा शांत की।


कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्या डॉ अर्पिता सिंह ने कार्यक्रम में आए सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया तथा सभी विद्यार्थियों को अपनी मातृभाषा के प्रति सदैव कृतज्ञ रहने की सलाह दी।



By- Dhiraj Singh

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