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यूजीसी कानून के विरोध में सड़क पर उतरे युवाओं ने धर्मेंद्र प्रधान व कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल का पुतला जलाया

 



मनियर, बलिया। यूजीसी कानून के विरोध में युवाओं ने सड़क पर उतरकर गुरुवार को जोरदार प्रदर्शन किया। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल का पुतला दहन कर उन्होंने इस 'काले कानून' को वापस लेने की मांग की।प्रदर्शनकारियों का समूह मनियर हेल्थ क्लब से निकला और मनियर बस स्टैंड पहुंचा। वहां भारी संख्या में युवाओं ने दोनों केंद्रीय मंत्रियों के पुतले को आग के हवाले कर दिया। नारेबाजी करते हुए उन्होंने कहा कि यूजीसी कानून सामाजिक भेदभाव को बढ़ावा दे रहा है, जिसे तत्काल समाप्त किया जाए। युवाओं का आरोप था कि यह कानून शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर रहा है और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने सरकार से अपील की कि इस कानून को रद्द कर समानता और न्यायपूर्ण शिक्षा नीति लागू की जाए।कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मोनू पांडे, पंकज उपाध्याय, गोविंद तिवारी, शिवम मिश्रा, नागा सिंह बड़सरी, पंकज सिंह, टुनटुन सिंह, बृज बिहारी सिंह, कल्लू सिंह, श्याम जी मिश्रा, विश्वास तिवारी, मनीष कुमार सिंह, विकास तिवारी, शुभम सिंह, युवा रोहित सिंह, माही सहित बड़ी संख्या में नौजवान मौजूद रहे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन युवाओं का गुस्सा साफ झलक रहा था।स्थानीय लोगों ने युवाओं के इस कदम का समर्थन किया। उनका कहना था कि यूजीसी जैसे कानून ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को प्रभावित कर रहे हैं। मनियर हेल्थ क्लब के पदाधिकारियों ने बताया कि यह आंदोलन जारी रहेगा जब तक सरकार मांगें नहीं मान लेती। युवाओं का प्रदर्शन यूजीसी कानून के खिलाफ बढ़ते असंतोष को दर्शाता है। युवाओं ने चेतावनी दी कि यदि कानून नहीं हटाया गया तो और बड़े आंदोलन होंगे। युवाओं ने कहा कि यदि यह काला कानून समाप्त नहीं होता है तो सवर्ण  के बच्चे विद्यालय नहीं जाएंगे सवर्ण बच्चों के शिक्षा के लिए अलग से विद्यालय खोले जाए।स्थानीय प्रशासन ने मामले पर नजर रखी।

मनु तिवारी

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