टीईटी से मुक्ति की मांग तेज, शिक्षकों ने काली पट्टी बांध जताया विरोध
मनियर (बलिया)। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से मुक्ति की मांग को लेकर मनियर ब्लॉक के शिक्षकों ने सोमवार को हाथों में काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया और चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की। शिक्षकों का कहना है कि वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए।
आंदोलन की शुरुआत शिक्षक संगठनों के संयुक्त आह्वान पर की गई है। उत्तर प्रदेश जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष नरेश कौशिक, उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष संजय सिंह तथा उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुलोचना मौर्य के निर्देश पर टीएफआई के बैनर तले यह अभियान शुरू हुआ है।
चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा
22 फरवरी से प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से एक्स (पूर्व ट्विटर) पर ऑनलाइन अभियान।
23 से 25 फरवरी तक विद्यालयों में शिक्षण कार्य के दौरान काली पट्टी बांधकर विरोध।
26 फरवरी को दोपहर 2 बजे से जिला व प्रदेश स्तर के बीएसए कार्यालयों पर धरना-प्रदर्शन।
इसके बाद प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी के माध्यम से भेजा जाएगा।
मार्च के तीसरे सप्ताह में दिल्ली के रामलीला मैदान में महा-रैली का प्रस्तावित आयोजन।
शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता लागू करना न्यायसंगत नहीं है। इसे लेकर प्रदेश भर में एकजुटता दिखाई जा रही है।
इस दौरान सतीश चंद्र वर्मा, लल्लन गुप्ता, संजय पासवान, राघवेंद्र प्रताप यादव, अमरीश यादव, अखिलेश सिंह, अब्दुल सलाम, अनुज कुमार, संजय कुमार कनौजिया, प्रमोद कुमार पांडे, रमेश तिवारी, रमाकांत पासवान और छोटेलाल सहित सैकड़ों शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया।
शिक्षक नेताओं ने सभी शिक्षकों से शत-प्रतिशत सहभागिता की अपील की है। आंदोलन को लेकर क्षेत्र के शिक्षकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
— मनु तिवारी




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